करौली में दंगे के आरोपी अमीनुद्दीन खान का अवैध निर्माण ध्वस्त: बुलडोजर एक्शन, पास के स्कूल में छुट्टी घोषित
करौली में नव संवत्सर बाइक रैली पर हुए पथराव और दंगे के प्रमुख आरोपी अमीनुद्दीन खान (पूर्व सभापति रशीदा खातून के बेटे) के अंबेडकर सर्किल स्थित अवैध भवन पर प्रशासन ने बुलडोजर से कार्रवाई की। नगर परिषद की जांच में निर्माण में अनियमितताएं पाए जाने के बाद पट्टा और स्वीकृति निरस्त की गई थी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पास के स्कूल में छुट्टी घोषित की गई, आसपास की दुकानें-भवन खाली कराए गए और कई रास्ते बंद किए गए। यह कार्रवाई आरोपी की हालिया गिरफ्तारी के बाद तेज हुई है, जिसमें सट्टेबाजी और दंगे के मामले शामिल हैं।
राजस्थान के करौली जिले में हाल ही में तेज हुई प्रशासनिक कार्रवाई के तहत नव संवत्सर बाइक रैली पर हुए पथराव और दंगे के प्रमुख आरोपी अमीनुद्दीन खान के अवैध भवन को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई शहर के अंबेडकर सर्किल क्षेत्र में स्थित उनके अवैध निर्माण पर की गई, जिसके चलते सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाकों में व्यापक इंतजाम किए गए थे।
घटना का पृष्ठभूमि
यह मामला मुख्य रूप से 2 अप्रैल 2022 को हिंदू नव संवत्सर (नव वर्ष) के अवसर पर निकाली गई बाइक रैली से जुड़ा है। रैली के दौरान पथराव हुआ था, जिसके बाद हिंसा भड़क गई थी और दंगा जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। पुलिस जांच में अमीनुद्दीन खान (उर्फ अमीन खान) को इस घटना का मास्टरमाइंड माना गया। वे सट्टेबाजी (ऑनलाइन गेमिंग सट्टा) से जुड़े मामलों में भी आरोपी रहे हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अमीनुद्दीन खान पूर्व नगर परिषद सभापति रशीदा खातून के पुत्र हैं।
हाल ही में (जनवरी 2026 के आसपास) सट्टेबाजी के एक मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर उन्हें दंगे के मामले में भी शामिल किया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उनके अवैध निर्माणों पर सख्ती बरती।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई का विवरण
नगर परिषद करौली द्वारा की गई जांच में अमीनुद्दीन खान के अंबेडकर सर्किल स्थित भवन में कई अनियमितताएं पाई गईं। जांच के बाद पट्टा (भूमि पट्टा) और निर्माण स्वीकृति को विधिवत रूप से निरस्त कर दिया गया था। पट्टा रद्द होने के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए:
मेला गेट, शिकारगंज सहित आसपास के कई रास्तों को बंद कर दिया गया।पास की स्कूल में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी घोषित कर दी गई।आसपास की दुकानों और भवनों को एहतियातन खाली कराया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।बुलडोजर से भवन को ध्वस्त करने की यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मानी जा रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इससे पहले भी हिंदू संगठनों और भाजपा ने अमीनुद्दीन खान की अन्य अवैध संपत्तियों (जैसे होटल आदि) पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी। कुछ संगठनों ने 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था और आरोप लगाए थे कि प्रशासन कार्रवाई में ढिलाई बरत रहा है। गिरफ्तारी और अब बुलडोजर एक्शन के बाद इलाके में कानून का डंडा चलने की चर्चा तेज हो गई है।