जोधपुर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों की दोहरी लापरवाही! गलत प्लेटफॉर्म डिस्प्ले से दिल्ली जाने वाले यात्री साबरमती वाली ट्रेन में चढ़े.
जोधपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी लापरवाही! प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर एक साथ दो वंदे भारत ट्रेनें (जोधपुर-साबरमती और जोधपुर-दिल्ली) खड़ी होने से यात्रियों में भ्रम। गलत डिस्प्ले और अनाउंसमेंट के कारण दिल्ली जाने वाले यात्री साबरमती वाली ट्रेन में चढ़े। ट्रेन रवाना होने पर मध्य रात्रि में पाली मारवाड़ में रोकी गई, यात्रियों को बस से वापस लाया गया। रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था की, जांच शुरू।
जोधपुर:राजस्थान के जोधपुर रेलवे स्टेशन पर आज एक बड़ी रेल लापरवाही सामने आई है, जहां दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें एक ही प्लेटफॉर्म पर खड़ी होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली और साबरमती (अहमदाबाद) जाने वाली दोनों ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर खड़ी थीं, लेकिन स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर ट्रेन नंबरों का गलत प्रदर्शन होने से दिल्ली सराय रोहिल्ला (डीएलआई) जाने वाले कई यात्री गलती से साबरमती (एसबीआई) जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। इससे पहले ही ट्रेन रवाना हो गई, जिसके बाद यात्रियों को मध्य रात्रि में उतारकर वापस लाने की मजबूरी हुई। रेलवे प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है, लेकिन यह घटना रेलवे की संचालन प्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
घटना का पूरा विवरण: कैसे हुई यह चूक?
जोधपुर रेलवे स्टेशन पर आज शाम करीब 8 बजे यह हादसा हुआ। जोधपुर से साबरमती (ट्रेन नंबर 12462) जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस और जोधपुर से दिल्ली (ट्रेन नंबर 22480) जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों ही प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर एक साथ खड़ी थीं। स्टेशन के घोषणा पद्धति और डिस्प्ले स्क्रीन पर ट्रेन नंबरों का सही संकेत न होने से यात्रियों को कन्फ्यूजन हो गया। दिल्ली कैंट (डीएलसी) जाने वाले यात्रियों को भी प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ही जाने का अनाउंसमेंट किया गया था।परिणामस्वरूप, दर्जनों यात्री जो दिल्ली के लिए टिकट लिए थे, वे साबरमती एक्सप्रेस में चढ़ गए। ट्रेन जैसे ही रवाना हुई, यात्रियों को गलती का एहसास हुआ। एक यात्री ने तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शिकायत दर्ज की, जिसमें उन्होंने वीडियो के साथ पूरी घटना का जिक्र किया। ट्वीट में यात्री ने लिखा, "जोधपुर स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों की दोहरी बुकिंग प्लेटफॉर्म पर, गलत डिस्प्ले से हम दिल्ली जाने वाले साबरमती वाली में चढ़ गए। ट्रेन रवाना हो गई, अब क्या करें? @RailMinIndia
@NWR_Jodhpur
"। इस शिकायत के बाद मामला तुरंत वायरल हो गया।ट्रेन को मध्य रात्रि में पाली मारवाड़ स्टेशन पर रोका गया, जहां गलत सवार यात्रियों को उतारा गया। रेलवे की टीम ने उन्हें स्पेशल बसों से वापस जोधपुर लाया। सूत्रों के अनुसार, कम से कम 20-25 यात्री इस चूक का शिकार हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया: जांच और वैकल्पिक इंतजाम
शिकायत मिलते ही जोधपुर डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) कार्यालय से टीम स्टेशन पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट में तकनीकी खराबी और स्टाफ की लापरवाही मुख्य कारण थी। स्टेशन मास्टर ने बताया कि डिस्प्ले सिस्टम में ट्रेन नंबर 22480 (दिल्ली) का नाम साबरमती वाली ट्रेन के साथ ही दिखा रहा था, जिससे भ्रम फैला।रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की:दिल्ली जाने वालों को अगली उपलब्ध ट्रेन (ट्रेन नंबर 22464, जोधपुर-बीकानेर एक्सप्रेस) में फ्री सीटें उपलब्ध कराई गईं।
जिन यात्रियों को रात में परेशानी हुई, उन्हें रिफंड और मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया।
स्टेशन पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर डिस्प्ले सिस्टम को ठीक किया गया, साथ ही घोषणाओं को दोबारा चेक करने के निर्देश दिए गए।
डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने कहा, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। पूरी जांच के बाद दोषी स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए डिजिटल ट्रेन डिस्प्ले सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है।"
वंदे भारत ट्रेनों का जोधपुर कनेक्शन: नई सेवाओं से बढ़ी भीड़
यह घटना तब हुई जब जोधपुर से वंदे भारत नेटवर्क हाल ही में मजबूत हुआ है। सितंबर 2025 में शुरू हुई नई दिल्ली कैंट वंदे भारत (ट्रेन नंबर 26481/26482) ने यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा किया है। यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन (मंगल को छोड़कर) चलती है:
जोधपुर से दिल्ली: सुबह 5:25 बजे प्रस्थान, दोपहर 1:30 बजे दिल्ली कैंट आगमन (8 घंटे 5 मिनट)।
दिल्ली से जोधपुर: दोपहर 3:10 बजे प्रस्थान, रात 11:20 बजे जोधपुर आगमन।
ठहराव: मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना, फुलेरा, जयपुर, अलवर, रेवाड़ी, गुड़गांव।
इसके अलावा, साबरमती वाली वंदे भारत (12461/12462) भी रोज चलती है, जो जोधपुर से अहमदाबाद तक 6 घंटे में पहुंचाती है। इन ट्रेनों की लोकप्रियता से स्टेशन पर भीड़ बढ़ी है, लेकिन आज की घटना ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नई ट्रेनों के साथ प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट को मजबूत करने की जरूरत है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया: गुस्सा और सुझाव
प्रभावित यात्रियों ने रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया। एक यात्री ने कहा, "हाई-स्पीड ट्रेन होने के बावजूद बेसिक सुविधाएं फेल हैं। डिस्प्ले गलत था, अनाउंसमेंट में स्पष्टता नहीं। इससे परिवार के साथ सफर करने वालों को कितनी परेशानी हुई!" वहीं, सोशल मीडिया पर #JodhpurRailFail ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग डिजिटल टिकटिंग ऐप में प्लेटफॉर्म अलर्ट जोड़ने की मांग कर रहे हैं।रेलवे मंत्रालय ने भी मामले को संज्ञान में लिया है और उत्तर-पश्चिम रेलवे को रिपोर्ट मांगी है। फिलहाल, स्टेशन पर सामान्य संचालन हो रहा है, लेकिन यह घटना रेल यात्रियों के लिए सबक है कि हमेशा ट्रेन नंबर और प्लेटफॉर्म दोबारा चेक करें।