नार्को टेस्ट से ठीक दो दिन पहले मर्डर के नामजद आरोपी की क्रूर हत्या: जालोर के खेत में लहूलुहान शव मिला, सिर-कान पर धारदार हथियार से वार, पैर फैक्चर

जालोर जिले के ऐलाना गांव में 65 वर्षीय किसान तेजाराम चौधरी की क्रूर हत्या कर दी गई, जो एक पुराने चरवाहे बूटाराम हत्याकांड में नामजद आरोपी थे। नार्को टेस्ट से ठीक दो दिन पहले खेत में उनकी लहूलुहान लाश मिली, जिसमें सिर-कान पर धारदार हथियार से वार और पैर टूटा हुआ था। पुलिस को शक है कि नार्को टेस्ट से बचने या पुरानी रंजिश के कारण हत्या हुई। जांच जारी है।

Jan 28, 2026 - 13:50
नार्को टेस्ट से ठीक दो दिन पहले मर्डर के नामजद आरोपी की क्रूर हत्या: जालोर के खेत में लहूलुहान शव मिला, सिर-कान पर धारदार हथियार से वार, पैर फैक्चर

जालोर जिले के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के ऐलाना गांव में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे 65 वर्षीय किसान तेजाराम चौधरी का लहूलुहान शव उनके खेत में मिला। तेजाराम एक पुराने मर्डर मामले में नामजद आरोपी थे और ठीक दो दिन बाद उनका नार्को टेस्ट होने वाला था। पुलिस को शक है कि इस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या नार्को टेस्ट से बचने की कोशिश हो सकती है, जिससे अब मौत की गुत्थी और उलझ गई है।

घटना का विवरण

तेजाराम चौधरी पुत्र सुरथाराम, निवासी ऐलाना गांव, सोमवार शाम करीब 4 बजे घर से निकले थे। वे गांव के ही डॉ. जुगराज के खेत को बंटाई पर लेकर रखवाली करने गए थे। उनका खेत घर से मात्र 600 मीटर दूर है। रात में वे खेत में बने टिनशेड के नीचे सो गए।

मंगलवार सुबह उनके बेटे ने जब खेत में पहुंचकर पिता को नहीं पाया तो खोजबीन की। वहां पिता का शव लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। शव पर गंभीर चोटें थीं—सिर और कान पर धारदार हथियार (संभवतः कुल्हाड़ी या तलवार जैसा) से कई वार किए गए थे। एक पैर फैक्चर (टूटा हुआ) था, जो मारपीट या हमले के दौरान हुआ लगता है। बेटे के होश उड़ गए और उसने तुरंत बिशनगढ़ थाने को फोन कर सूचना दी। परिवार और गांववालों को भी खबर मिली।

पुलिस मौके पर पहुंची। जालोर से डीएसपी गौतम जैन भी टीम के साथ पहुंचे। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम बुलाई गई और मौके से सबूत जुटाए गए। शव को मांडवला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

पुरानी हत्या का कनेक्शन

डीएसपी गौतम जैन ने बताया कि तेजाराम चौधरी एक हत्या के मामले में नामजद आरोपी थे। यह मामला 8 जनवरी को बिशनगढ़ थाने में दर्ज हुआ था। पीड़ित थे गांव के ही चरवाहे बूटाराम।22 दिसंबर को बूटाराम अचानक लापता हो गए थे।23 दिसंबर को उनके परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।8 जनवरी को बालोतरा जिले के तेलवाड़ा गांव के जंगल में बूटाराम का क्षत-विक्षत शव मिला। शव की हालत बेहद भयावह थी।जांच में बूटाराम की चप्पलें ऐलाना गांव में तेजाराम चौधरी के खेत में मिलीं, जिसके आधार पर तेजाराम को हत्या में नामजद किया गया।

तेजाराम और बूटाराम दोनों मिलकर खेत बंटाई पर लेते थे। पुलिस ने इस मामले में नार्को टेस्ट की तैयारी की थी, जो ठीक दो दिन बाद होना था। लेकिन इससे पहले ही तेजाराम की हत्या कर दी गई।

पुलिस जांच और सवाल

पुलिस अब इस हत्या के पीछे के मकसद की गहराई से जांच कर रही है। मुख्य सवाल ये हैं:क्या नार्को टेस्ट से बचने के लिए किसी ने तेजाराम की हत्या कराई?क्या बूटाराम हत्याकांड में शामिल अन्य लोग इस हत्या में शामिल हैं?क्या पुरानी जमीन-जायदाद या बंटाई की रंजिश इसका कारण है?

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.