इंडोनेशिया: जकार्ता में 7 मंजिला इमारत में भीषण आग, 20 की मौत, कई अब भी फंसे

जकार्ता के सेटियाबुडी इलाके में टेरा ड्रोन कंपनी की 7 मंजिला इमारत में मंगलवार दोपहर लिथियम बैटरियों में धमाके से भीषण आग लग गई। हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत, ज्यादातर महिलाओं की। कई लोग अभी भी अंदर फंसे हैं, रेस्क्यू जारी।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 9, 2025 • 4:06 PM  33
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इंडोनेशिया: जकार्ता में 7 मंजिला इमारत में भीषण आग, 20 की मौत, कई अब भी फंसे
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9 Dec 2025
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इंडोनेशिया: जकार्ता में 7 मंजिला इमारत में भीषण आग, 20 की मौत, कई अब भी फंसे

इंडोनेशिया। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में मंगलवार (9 दिसंबर 2025) दोपहर करीब 1 बजे एक 7 मंजिला कॉमर्शियल बिल्डिंग में अचानक आग की लपटों में घिर गई। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं और आग से भर गई। अब तक इस हादसे में 20 लोगों की मौत की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी इमारत के अंदर फंसे होने की आशंका है।

मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं मृतकों में 5 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं।शुरुआती जांच में पता चला है कि ज्यादातर लोगों की मौत धुएं से दम घुटने की वजह से हुई।कुछ शव इतने बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी शिनाख्त के लिए डीएनएनी जांच करानी पड़ेगी।

इमारत किसकी थी? आग वाली इमारत दक्षिण जकार्ता के सेटियाबुडी इलाके में स्थित है। यह इमारत ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनी टेरा ड्रोन इंडोनेशिया (Terra Drone Indonesia) का मुख्यालय थी। कंपनी खनन, तेल-गैस, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए ड्रोन-आधारित सर्वे और मैपिंग सर्विस देती है। इमारत की पहली और दूसरी मंजिल पर कंपनी का ऑफिस और वेयरहाउस था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर अन्य छोटे-छोटे ऑफिस थे।

आग कैसे लगी? जकार्ता पुलिस और फायर ब्रिगेड के मुताबिक:आग की शुरुआत पहली मंजिल पर रखे लिथियम-आयन बैटरी स्टोरेज एरिया से हुई। ये बैटरियां ड्रोन में इस्तेमाल होने वाली हाई-कैपेसिटी बैटरियां थीं थीं।अचानक कई बैटरियों में शॉर्ट सर्किट हुआ और एक के बाद एक धमाके होने लगे।धमाकों की वजह से आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत में फैल गई।धुएं का गुबार इतना घना था कि ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग खिड़कियों से बाहर निकलने की कोशिश करते दिखे।

कर्मचारी लंच कर रहे थे जब आग लगी हादसे के वक्त दोपहर का लंच टाइम था। कई कर्मचारी पहली और दूसरी मंजिल पर बने कैंटीन एरिया में खाना खा रहे थे। जैसे ही धमाका हुआ, लोग भागने लगे, लेकिन धुआं इतनी तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गया कि कई लोग सीढ़ियों में ही फंस गए। कुछ कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन बैटरियों में लगातार धमाके हो रहे थे, इसलिए आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी जकार्ता फायर ब्रिगेड की 25 से ज्यादा गाड़ियां और 150 से अधिक फायर फाइटर्स मौके पर हैं। शाम 7 बजे तक भी सर्च ऑपरेशन जारी था। 6वीं और 7वीं मंजिल पर अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। कई घायलों को पास के सिलोआम और MMC अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कंपनी ने जारी किया बयान टेरा ड्रोन इंडोनेशिया ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर दुख जताया है। कंपनी ने कहा कि वह प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मृतकों के परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी।

बैटरी स्टोरेज सेफ्टी पर फिर सवाल यह पहला मामला नहीं है जब लिथियम-आयन बैटरी की वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ हो। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन, ई-स्कूटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों के गोदामों में बैटरी स्टोरेज के लिए सख्त फायर सेफ्टी नियमों की जरूरत है। इंडोनेशिया में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस रेगुलेशन लागू नहीं हुआ है।

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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