ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की गिरफ्तारी: तख्तापलट की साजिश के आरोप में नजरबंदी से जेल तक का सफर
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को शनिवार 22 नवंबर 2025 को फेडरल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 2022 चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के आरोप में सितंबर में उन्हें 27 साल 3 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। पिछले 100 दिनों से घर में नजरबंद बोल्सोनारो को समर्थकों की प्रार्थना सभा से पहले निवारक हिरासत में लिया गया।
ब्रासीलिया (ब्राजील), 22 नवंबर 2025: ब्राजील के विवादास्पद पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को शनिवार सुबह फेडरल पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह गिरफ्तारी उनके घर के बाहर एक प्रस्तावित समर्थकों की प्रार्थना सभा से ठीक पहले की गई, जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्सांद्रे डे मोरायेस के आदेश पर हुई। बोल्सोनारो, जो पिछले 100 दिनों से घर में नजरबंद थे, अब ब्रासीलिया स्थित फेडरल पुलिस मुख्यालय में हिरासत में हैं। यह घटना 2022 के राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के आरोपों से जुड़ी है, जिसमें उन्हें सितंबर में 27 साल और 3 महीने की सजा सुनाई गई थी।
गिरफ्तारी का तत्कालीन कारण: सार्वजनिक व्यवस्था का खतरा रॉयटर्स और द गार्जियन की रिपोर्ट्स के अनुसार, बोल्सोनारो की गिरफ्तारी एक 'निवारक गिरफ्तारी वारंट' के तहत की गई, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किया गया। न्यायाधीश मोरायेस ने अपने फैसले में कहा कि बोल्सोनारो के समर्थकों द्वारा उनके आवास के बाहर आयोजित होने वाली 'प्रार्थना सभा' (vigil) पुलिस की निगरानी को बाधित कर सकती थी और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकती थी। बोल्सोनारो के बड़े बेटे, सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो द्वारा इस सभा का आह्वान किया गया था, जो पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना का कार्यक्रम था।बोल्सोनारो के वकील सेल्सो विलार्डी ने रॉयटर्स को बताया, "उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन मुझे कारण नहीं पता।" एक सूत्र ने पुष्टि की कि यह हाउस अरेस्ट की शर्तों का उल्लंघन रोकने के लिए एक सावधानीपूर्ण कदम था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बोल्सोनारो ने अपने एंकल मॉनिटर (पैर पर लगाया गया ट्रैकिंग डिवाइस) को हटाने की कोशिश की थी, लेकिन यह जानकारी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई। गिरफ्तारी के समय बोल्सोनारो मेडिकल टेस्ट करा रहे थे, जैसा कि दैनिक भास्कर की मूल खबर में उल्लेखित है।
पृष्ठभूमि: 2022 चुनाव हार से तख्तापलट की साजिश तक जायर बोल्सोनारो (70 वर्षीय) ब्राजील के 38वें राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 2019 से 2022 तक पद संभाला। वे दक्षिणपंथी नेता के रूप में जाने जाते हैं, जिनकी नीतियां पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के लिए आलोचना का शिकार रहीं। 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में वे वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से हार गए, जिसके बाद उन्होंने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए और अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तर्ज पर 'चुनाव चोरी' का दावा किया।8 जनवरी 2023 की घटना: चुनाव हारने के बाद बोल्सोनारो के समर्थकों ने ब्रासीलिया में सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस भवनों पर हमला किया। यह हमला अमेरिकी कैपिटल दंगा (6 जनवरी 2021) से प्रेरित माना गया। बोल्सोनारो को इस दंगे का मुख्य सूत्रधार ठहराया गया। मई 2023: सुप्रीम कोर्ट ने बोल्सोनारो को लोकतंत्र पर हमले के लिए दोषी ठहराया और 2030 तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया। अगस्त 2025: अपील प्रक्रिया के दौरान उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया। इस दौरान सोशल मीडिया का उपयोग प्रतिबंधित था, लेकिन राजनीतिक सहयोगियों से मुलाकात की अनुमति थी। सितंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट की पहली चैंबर ने 5 जजों में से 4 ने उन्हें दोषी ठहराया। अपराधों में संगठित अपराध, तख्तापलट, लोकतांत्रिक शासन को समाप्त करने की साजिश, ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान और लोकतंत्र पर हमला शामिल थे। सजा: 27 साल 3 महीने की जेल। बोल्सोनारो के वकीलों ने सबूतों की कमजोरी और विरोधाभासों का हवाला देकर अपील की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
ब्लूमबर्ग और वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोल्सोनारो को लूला की सत्ता हस्तांतरण रोकने की साजिश का 'मुख्य लाभार्थी' माना गया। वे लूला के 2023 में पदभार संभालने को रोकने के लिए सेना और समर्थकों को भड़काने के आरोपी हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: समर्थकों में आक्रोश, अंतरराष्ट्रीय समर्थन बोल्सोनारो के समर्थक इस गिरफ्तारी को 'राजनीतिक प्रतिशोध' और 'तानाशाही' बता रहे है। तानाशाही भगवान हमें बचाए!" समर्थकों ने ब्रासीलिया में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, लेकिन पुलिस ने सख्ती बरती है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'विच हंट' (झूठी साजिश) करार दिया। ट्रंप ने मोरायेस पर प्रतिबंध लगाए थे और ब्राजील से आयात पर 50% टैरिफ लगाया था, जिसे इस महीने वापस लेना शुरू किया। दक्षिण अमेरिकी देशों में बोल्सोनारो को 'लोकतंत्र का रक्षक' मानने वाले समूह सक्रिय हैं, जबकि लूला सरकार इसे न्याय का विजय बताती है।