जयपुर में महिला थानेदार और कॉन्स्टेबल के बीच मारपीट: स्कूटी पार्किंग को लेकर हुआ विवाद, मंदिर दर्शन के दौरान घटना
जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन करने आई पुलिस मुख्यालय की महिला सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल हरवेन्द्र के बीच स्कूटी पार्किंग को लेकर झगड़ा हो गया। महिला थानेदार ने बीच रास्ते में स्कूटी खड़ी की तो कॉन्स्टेबल ने रोका, जिस पर कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई। महिला एसआई ने कॉन्स्टेबल के खिलाफ मोतीडूंगरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच एसीपी गांधी नगर को सौंपी गई है।
जयपुर में एक अनोखा और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस विभाग की ही दो कर्मचारियों के बीच स्कूटी पार्किंग को लेकर झगड़ा हो गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना शनिवार दोपहर जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के पास हुई, जहां दर्शन करने आई पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल हरवेन्द्र सिंह के बीच कहासुनी और हाथापाई हो गई।
घटना का विवरण
महिला थानेदार (एसआई) अपने बच्चों के साथ स्कूटी पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर दर्शन करने पहुंची थीं। मंदिर के पास रास्ते में उन्होंने अपनी स्कूटी बीच रास्ते में खड़ी कर दी। ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल हरवेन्द्र ने उन्हें बीच रास्ते में स्कूटी पार्क करने से मना किया, क्योंकि इससे आवागमन प्रभावित हो रहा था।
महिला एसआई ने जवाब दिया कि वे सिर्फ 10 मिनट में दर्शन कर वापस आ जाएंगी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि महिला थानेदार ने कॉन्स्टेबल को धक्का दे दिया, जिसके बाद कॉन्स्टेबल ने भी जवाबी मारपीट शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख आसपास मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने दोनों को मोतीडूंगरी थाने ले जाया।
शिकायत और एफआईआर
मोतीडूंगरी थाने में महिला थानेदार ने कॉन्स्टेबल हरवेन्द्र सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। एडीसीपी (ईस्ट) अलोक सिंघल ने बताया कि महिला एसआई की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जांच एसीपी (गांधी नगर) नारायण बाजियां को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं दोनों पक्ष?
महिला थानेदार का पक्ष: उन्होंने दावा किया कि कॉन्स्टेबल ने अनावश्यक रूप से रोका और व्यवहार ठीक नहीं रखा, जिसके बाद विवाद बढ़ा।
कॉन्स्टेबल का पक्ष: अभी तक आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्होंने ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्कूटी हटाने को कहा था।
यह घटना पुलिस विभाग के अंदर अनुशासन और व्यवहार संबंधी सवाल खड़े करती है। आमतौर पर आम नागरिकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह देने वाले पुलिसकर्मी जब खुद के बीच ऐसी घटना कर लेते हैं, तो यह चिंता का विषय बन जाता है।मोतीडूंगरी गणेश मंदिर जयपुर का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां खासकर शनिवार और मंगलवार को भक्तों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में मंदिर परिसर के आसपास पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है।
आगे क्या?
पुलिस मुख्यालय से लेकर स्थानीय थाने तक इस मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि दोष किसका था और किस स्तर की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्ष पुलिस कर्मी होने के कारण मामले में अनुशासनिक कार्रवाई भी हो सकती है।