फैक्ट्री में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या: कालाडेरा रीको क्षेत्र में 22 वर्षीय गौरव कुमार का शव फंदे पर लटका मिला, पुलिस कारणों की जांच में जुटी
रीको औद्योगिक क्षेत्र की शेरा एनर्जी फैक्ट्री में 22 वर्षीय युवक गौरव कुमार (निवासी बिहार के मोतिहारी) ने मंगलवार देर शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फैक्ट्री की पहली मंजिल पर फंदे से लटका मिला शव उसके भाई और अन्य श्रमिकों ने उतारा। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है और परिजनों व सहकर्मियों से पूछताछ जारी है। शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
जयपुर। राजस्थान के चौमूं उपखंड के कालाडेरा कस्बे में स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में मंगलवार देर शाम एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गौरव कुमार (22 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी क्षेत्र का निवासी था।
घटना का विवरण
रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित शेरा एनर्जी फैक्ट्री में काम करने वाला गौरव कुमार फैक्ट्री की पहली मंजिल पर फंदे से लटका मिला। अन्य श्रमिकों और उसके भाई गुलशन कुमार ने तुरंत उसे नीचे उतारा और कालाडेरा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही कालाडेरा थाना प्रभारी पूजा पूनिया के नेतृत्व में पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। शव को चौमूं के राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां बुधवार को पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक की पृष्ठभूमि
गौरव कुमार बिहार के मननपुर गांव, थाना कल्याणपुर, जिला पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) का रहने वाला था। वह शेरा एनर्जी फैक्ट्री में कार्यरत था और कालाडेरा क्षेत्र में काम के सिलसिले में रह रहा था। उसके भाई गुलशन कुमार भी घटनास्थल पर मौजूद थे और उन्होंने ही सबसे पहले मदद की।
पुलिस जांच
पुलिस फिलहाल आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। थाना प्रभारी पूजा पूनिया ने बताया कि मृतक के परिजनों, सहकर्मियों और फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। अभी तक कोई सुसाइड नोट या स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस हर पहलू पर गहन जांच कर रही है, जिसमें काम के दबाव, व्यक्तिगत समस्याएं या कोई अन्य वजह शामिल हो सकती है।
यह घटना स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले युवा प्रवासी मजदूरों की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति और कामकाजी माहौल पर सवाल उठाती है। कालाडेरा रीको क्षेत्र में कई फैक्टरियां हैं, जहां बिहार, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से मजदूर काम करते हैं।