Intezaar Shastra-9: PM मोदी ने सराहा RIC, BJP सरकार ने गेस्ट हाउस का काम क्यों रोका? अशोक गहलोत ने उठाया सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया सीरीज इंतजारशास्त्र में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) के गेस्ट हाउस निर्माण रोकने पर भाजपा सरकार को घेरा। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब खुद की व्यवस्था संभव है, तो जनता का पैसा महंगे होटलों पर क्यों खर्च किया जा रहा है।
Jaipur News: अशोक गहलोत ने RIC गेस्ट हाउस रोकने पर BJP सरकार पर उठाए सवाल
राजस्थान की सियासत में एक बार फिर अशोक गहलोत और वर्तमान भाजपा सरकार के बीच राजनीतिक बहस गरमाई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपनी सोशल मीडिया सीरीज इंतजारशास्त्र (Chapter-9) के जरिए जयपुर स्थित प्रतिष्ठित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) के गेस्ट हाउस निर्माण को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए।
गहलोत ने ट्वीट में आरोप लगाया कि RIC में लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो रहे हैं और बड़े मेहमान आते रहते हैं, लेकिन परिसर के भीतर बन रहे गेस्ट हाउस का काम रोक दिया गया। उनका कहना है कि इस फैसले के कारण जनता के पैसे का बड़ा हिस्सा महंगे होटलों पर खर्च हो रहा है, जबकि अपने गेस्ट हाउस में मेहमानों को ठहराना संभव था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे नकारात्मक राजनीति करार देते हुए याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब BJP ने RIC के काम में अड़चन डाली हो। उन्होंने बताया कि साल 2014 में भी तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस प्रोजेक्ट को रोक दिया था, जिसे बाद में कांग्रेस सरकार के आने पर पूरा किया गया। गहलोत का इशारा साफ है कि विकास परियोजनाओं को रोकने का कारण केवल यह है कि उनका आरंभ कांग्रेस शासन में हुआ था।
RIC की भव्यता और आलोचना
गहलोत ने RIC की भव्यता का जिक्र करते हुए बताया कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी सराहा था। लेकिन भाजपा सरकार ने इसी प्रतिष्ठित केंद्र के गेस्ट हाउस का काम रोककर विकास को ठप कर दिया। गहलोत ने सवाल किया कि जब खुद की व्यवस्था तैयार की जा सकती है, तो महंगे होटलों पर करोड़ों रुपये खर्च करना समझदारी क्यों है।
सरकार के जवाब का इंतजार
गहलोत की यह सोशल मीडिया सीरीज राजस्थान की सियासी गलियारों में तेजी से ट्रेंड कर रही है और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि भजनलाल सरकार इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देती है।
राजस्थान में RIC और विकास परियोजनाओं को लेकर यह बहस यह संकेत देती है कि आगामी समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होगा।