ड्राई डे पर भी नहीं रुकी शराब बिक्री: राजस्थान में खुलेआम उड़ी सरकारी आदेशों की धज्जियां
राजसमंद में महावीर जयंती के ड्राई डे पर शराब की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है. शटर के नीचे से बिक्री करते दुकानदारों का वीडियो वायरल हुआ, आबकारी विभाग और पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगे.
राजसमंद में महावीर जयंती के अवसर पर घोषित ड्राई डे के बावजूद शराब की खुलेआम बिक्री का मामला सामने आया है। महावीर जयंती के दिन राज्य सरकार ने शराब सहित सभी मादक पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था, लेकिन जमीनी स्तर पर नियमों की खुलेआम अनदेखी देखने को मिली।
आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर सभी शराब ठेकों को बंद रखने और सील करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत दुकानों पर सील भी लगाई गई, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर शराब की बिक्री जारी रही।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दुकानदारों ने शटर को पूरी तरह बंद करने के बजाय थोड़ा खुला रखकर अंदर से शराब बेचना जारी रखा। कुछ जगहों पर सेल्समैन अंदर बैठकर ग्राहकों को चोरी-छिपे शराब देते नजर आए। इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
31 मार्च आबकारी विभाग के लिए वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन भी था, जबकि 1 अप्रैल से नए ठेकों का नवीनीकरण होना है। ऐसे में आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए नियमों को दरकिनार किया गया और ड्राई डे के बावजूद शराब की बिक्री की गई।
हैरानी की बात यह है कि आबकारी विभाग ने दुकानों पर सील लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, जबकि नियमानुसार उन्हें लगातार निगरानी रखनी चाहिए थी। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन मौके पर ऐसी कोई कार्रवाई नजर नहीं आई।
मामला और गंभीर तब हो जाता है जब यह सामने आता है कि यह गतिविधियां पुलिस थाने और चौकी के आसपास ही हो रही थीं। इसके बावजूद कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, जिससे आबकारी विभाग, पुलिस और ठेकेदारों की मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं।
अब जब यह मामला सामने आ चुका है, तो सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।