आम आदमी की जेब पर नया झटका! गैस के दाम बढ़ते ही क्या-क्या होगा महंगा?
1 अप्रैल से कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बेकरी और कैटरिंग व्यवसाय की लागत बढ़ गई है। इसका असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ेगा और आम लोगों का खर्च भी बढ़ सकता है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और सप्लाई संकट को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
देशभर में 1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी ने सीधे तौर पर खाद्य व्यवसाय और उससे जुड़े लाखों लोगों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बड़ा इजाफा किया है, जिससे खासकर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत अचानक बढ़ गई है।
राष्ट्रीय राजधानी में इस सिलेंडर की कीमत करीब 195.50 रुपये तक बढ़ी है, वहीं 5 किलो एफटीएल सिलेंडर भी महंगा हुआ है। इसमें 51 रुपये की वृद्धि के बाद इसकी कीमत 549 रुपये पहुंच गई है।
किन-किन सेक्टर पर पड़ा सीधा असर?
1. होटल और रेस्टोरेंट कारोबार
कमर्शियल LPG का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होटल और रेस्टोरेंट में होता है। कीमत बढ़ने से किचन की लागत में बड़ा उछाल आया है।
मेन्यू के दाम 20% से 30% तक बढ़ सकते हैं
कई जगहों पर ऑपरेटिंग घंटे कम किए जा रहे हैं
कुछ रेस्टोरेंट मेन्यू से महंगे आइटम हटाने पर विचार कर रहे हैं
2. स्ट्रीट फूड और ढाबे
छोटे व्यापारियों के लिए यह बढ़ोतरी सबसे ज्यादा चिंता का विषय है।
कम मार्जिन वाले व्यवसाय पर सीधा दबाव
चाय, नाश्ता, खाना—सब कुछ महंगा होने की संभावना
कई जगहों पर कीमतें पहले ही बढ़नी शुरू
3. बेकरी और मिठाई उद्योग
ब्रेड, केक और मिठाइयों की तैयारी में LPG का उपयोग होता है।
उत्पादन लागत बढ़ने से उत्पाद महंगे होंगे
छोटे बेकरी संचालकों पर आर्थिक दबाव
4. कैटरिंग और इवेंट सर्विस
शादियों, पार्टियों और बड़े आयोजनों की लागत भी अब बढ़ेगी।
प्रति प्लेट खर्च में बढ़ोतरी
इंडस्ट्रियल कैंटीन और बड़े आयोजनों पर असर
5. फूड डिलीवरी और आम उपभोक्ता
LPG महंगा होने का असर सीधे ग्राहकों तक पहुंचेगा।
ऑनलाइन फूड ऑर्डर महंगे हो सकते हैं
बाहर खाने का खर्च बढ़ेगा
घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव
कीमतें बढ़ने की वजह क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार LPG की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी होती हैं।
वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव से सप्लाई प्रभावित
क्रूड ऑयल और LPG की इंपोर्ट लागत बढ़ी
तेल कंपनियां पहले घाटा झेल रही थीं, अब कीमत बढ़ाकर इसकी भरपाई कर रही हैं
सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को घरेलू उत्पादन बढ़ाने और घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगे राहत मिल सके।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती लागत से प्रॉफिट मार्जिन तेजी से घट रहा है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने चेतावनी दी है कि अगर यह स्थिति जारी रही, तो उद्योग को रोजाना सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
कई कारोबारी अब इलेक्ट्रिक या अन्य विकल्पों की ओर शिफ्ट होने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन इसमें निवेश ज्यादा और समय भी लगता है
कमर्शियल LPG की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धीरे-धीरे आम जनता के खर्च को भी प्रभावित करेगी। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे महंगाई का असर और गहरा हो सकता है।