जयपुर के पॉश इलाके में रातभर दहशत पूर्व भाजपा सांसद के घर के पास बेखौफ घूमता दिखा लेपर्ड, कैमरे में कैद हुआ पूरा मंजर.

जयपुर के पॉश इलाके दुर्गापुरा में शुक्रवार देर रात एक लेपर्ड (तेंदुआ) खुलेआम घूमता सीसीटीवी में कैद हुआ। वह पूर्व भाजपा सांसद रामचरण बोहरा के घर के पास से भी गुजरा और उसकी गुर्राहट की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने आवाज सुनकर सीसीटीवी चेक किया तो तेंदुआ गली में खड़ी कारों के पास नजर आया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्गापुरा से झालाना लेपर्ड सेंचुरी करीब 5 किलोमीटर दूर है, संभवतः वहीं से वह शहर में आया। पिछले कुछ महीनों में जयपुर के कई इलाकों — गोपालपुरा, जगतपुरा, जवाहर सर्कल — में भी तेंदुए दिख चुके हैं।

Nov 8, 2025 - 14:37
जयपुर के पॉश इलाके में रातभर दहशत पूर्व भाजपा सांसद के घर के पास बेखौफ घूमता दिखा लेपर्ड, कैमरे में कैद हुआ पूरा मंजर.

जयपुर शहर के पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले दुर्गापुरा इलाके में शुक्रवार की रात एक हैरान कर देने वाली घटना हुई। रात करीब 2 बजे के आसपास, लाल बहादुर कॉलोनी की गलियों में एक लेपर्ड (तेंदुआ) खुलकर घूमता नजर आया। सीसीटीवी कैमरों में उसकी पूरी हरकतें कैद हो गईं, जिससे इलाके के लोग सहम गए।

गुर्राहट से गूंजी कॉलोनी, लोगों की नींद उड़ी

स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात को अचानक उन्हें तेज गुर्राहट और अजीब सी आवाजें सुनाई दीं। जब उन्होंने डरते हुए सीसीटीवी फुटेज देखा तो पाया कि एक बड़ा लेपर्ड उनकी गली में खड़ी कारों के पास से गुज़र रहा था।

लोगों का कहना है कि उन्होंने इस इलाके में पहली बार किसी जंगली जानवर को इतने पास देखा है। “आवाज़ इतनी डरावनी थी कि हम घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए,” एक निवासी ने बताया।

पूर्व सांसद रामचरण बोहरा के घर के पास से गुजरा

जिस सड़क पर यह घटना हुई, वहीं पूर्व भाजपा सांसद रामचरण बोहरा का घर भी स्थित है। कॉलोनी में बने कई महंगे बंगले, रेजिडेंसी और रेस्टोरेंट हैं। दावा किया जा रहा है कि लेपर्ड उनके घर के पास से भी गुजरा और वहीं पर उसकी गुर्राहट सुनाई दी, जिससे सुरक्षा कर्मी सतर्क हो गए।

फॉरेस्ट टीम का सर्च ऑपरेशन रातभर जारी रहा

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कॉलोनी और आस-पास के इलाकों में देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन लेपर्ड हाथ नहीं आया।

अधिकारियों के अनुसार, दुर्गापुरा से झालाना लेपर्ड सेंचुरी की दूरी महज 5 किलोमीटर है, इसलिए यह माना जा रहा है कि तेंदुआ वहीं से भटककर शहर के अंदर पहुंच गया।

जयपुर में लगातार बढ़ रहा लेपर्ड का मूवमेंट

यह पहली बार नहीं है जब जयपुर के रिहायशी इलाकों में तेंदुआ देखा गया हो। पिछले कुछ महीनों में दुर्गापुरा, गोपालपुरा, जगतपुरा और जवाहर सर्कल जैसे इलाकों में कई बार लेपर्ड के कैमरे में कैद होने के मामले सामने आ चुके हैं।

कुछ समय पहले गोपालपुरा ओवरब्रिज के पास की एक फैक्ट्री में भी एक लेपर्ड पकड़ा गया था, जिसे बाद में जंगल में छोड़ा गया था। इस बार भी उसी इलाके में पिंजरे लगाए गए हैं ताकि लेपर्ड को सुरक्षित पकड़ा जा सके.

राजस्थान में लेपर्ड की मौजूदगी

राजस्थान के ज्यादातर जिलों जैसे जयपुर, अलवर, सीकर, भरतपुर, करौली, उदयपुर, बूंदी, पाली, सिरोही, प्रतापगढ़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और अजमेर में लेपर्ड पाए जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शहरीकरण और जंगलों की सीमाओं के सिमटने के कारण लेपर्ड अब मानव बस्तियों के करीब आते जा रहे हैं।

वन विभाग की अपील

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय बाहर न निकलें, बच्चों और पालतू जानवरों को अंदर रखें, और किसी भी मूवमेंट की जानकारी फॉरेस्ट कंट्रोल रूम या 112 नंबर पर दें।