जयपुर में कॉलेज छात्र की आत्महत्या: एग्जाम में नकल पकड़े जाने के बाद डिप्रेशन में आया, 12वीं मंजिल से कूदकर दी जान; बैग में जहर भी मिला

जयपुर के बगरू क्षेत्र में मणिपाल यूनिवर्सिटी के 19 वर्षीय छात्र प्रियांशु राज (बिहार, पटना निवासी) ने एग्जाम में नकल करते पकड़े जाने के बाद गहरे डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर ली। 26 दिसंबर को बैक पेपर एग्जाम के दौरान पकड़े जाने के बाद उन्होंने स्कूटी किराए पर ली, जहर खरीदा और एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की 12वीं मंजिल से छलांग लगा दी। बैग में जहर भी मिला। कॉलेज प्रशासन ने समझाया था, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस जांच कर रही है।

Dec 28, 2025 - 16:48
जयपुर में कॉलेज छात्र की आत्महत्या: एग्जाम में नकल पकड़े जाने के बाद डिप्रेशन में आया, 12वीं मंजिल से कूदकर दी जान; बैग में जहर भी मिला

जयपुर के बगरू क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के प्रथम वर्ष के कंप्यूटर साइंस छात्र प्रियांशु राज (19) ने निर्माणाधीन बिल्डिंग की 12वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रियांशु मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले थे और उनके पिता का नाम प्रभात कुमार है। घटना 26 दिसंबर 2025 की देर शाम की बताई जा रही है। पुलिस जांच में पता चला कि छात्र एग्जाम में नकल करते पकड़े जाने के बाद गहरे डिप्रेशन में था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।

घटना का विवरण प्रियांशु राज ने 6 महीने पहले मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था और विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे थे। प्रथम सेमेस्टर में एक विषय में बैक लग गया था, जिसका बैक पेपर एग्जाम 26 दिसंबर को दोपहर 3 से 6 बजे तक था। एग्जाम के दौरान वह चीटिंग करते पकड़े गए। शिक्षक ने उनकी कॉपी और चिट्स जब्त कर लीं, हालांकि उन्हें दूसरी कॉपी देकर एग्जाम जारी रखने की अनुमति दी गई।एग्जाम के बाद प्रियांशु गहरे तनाव में आ गए। उनके दोस्तों और परिवार वालों ने बताया कि वह फोन पर बहकी-बहकी बातें कर रहे थे और डिप्रेशन में दिख रहे थे। कॉलेज प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, तो वार्डन ने उन्हें फोन कर समझाया कि चीटिंग पकड़े जाने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। वार्डन से बात करने के बाद प्रियांशु ने कहा कि वह हॉस्टल जा रहे हैं और इसके बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।हॉस्टल पहुंचने के दौरान वह रुक गए और वापस बाहर निकल आए। कॉलेज से कुछ दूरी पर स्थित एक व्हीकल रेंटल शॉप से स्कूटी किराए पर ली। रास्ते में किसी दुकान से जहर और पानी की बोतल भी खरीदी। देर शाम करीब 7:15 बजे वह बगरू टोल प्लाजा के पास एक निर्माणाधीन बिल्डिंग पर पहुंचे।बिल्डिंग में काम कर रहे मजदूरों के साथ वह अंदर घुस गए। 12वीं मंजिल पर पहुंचकर दीवार पर अपना बैग और मोबाइल रखा और छलांग लगा दी। गिरते समय वह पहले फ्लोर के छज्जे पर जा गिरे, जिससे तेज धमाके की आवाज हुई। वहां काम कर रहे मजदूरों को लगा कि कोई मजदूर गिर गया है। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में प्रियांशु को बगरू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच और मिले सबूत सूचना पर बगरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसएचओ राजेंद्र कुमार गोदारा ने बताया कि बिल्डिंग की तलाशी के दौरान 12वीं मंजिल की दीवार पर प्रियांशु का बैग और मोबाइल मिला। बैग में रखे दस्तावेजों से उनकी पहचान हुई। बैग की तलाशी में जहर की शीशी और पानी की बोतल भी मिली, जिससे पता चलता है कि छात्र के मन में आत्महत्या के कई विकल्प थे।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम का पता लगाया। प्रियांशु कॉलेज से स्कूटी लेकर सीधे निर्माणाधीन बिल्डिंग तक पहुंचे थे, जो कॉलेज से करीब 5 किलोमीटर दूर है।

डिप्रेशन का कारण परिजनों और दोस्तों के अनुसार, नकल पकड़े जाने की घटना ने प्रियांशु को बहुत आघात पहुंचाया। वह पहले से ही बैक पेपर के तनाव में थे और इस घटना के बाद खुद को असफल मानने लगे। वार्डन और प्रशासन की समझाइश के बावजूद वह सामान्य नहीं हो पाए।यह घटना छात्रों में बढ़ते मानसिक दबाव और परीक्षा संबंधी तनाव की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तुरंत काउंसलिंग और परिवार का सहारा जरूरी होता है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और परिजनों से संपर्क में है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.