जयपुर में जर्मन शेफर्ड का मासूम पर हमला: 4 साल की बच्ची का सिर नोंचा, आंख के ऊपर गहरे घाव
जयपुर की पत्रकार कॉलोनी में पड़ोसी के पालतू जर्मन शेफर्ड ने 4 वर्षीय बच्ची पर हमला कर दिया। डॉग के हमले में बच्ची के सिर और आंख के ऊपर गंभीर चोटें आई हैं।
राजधानी जयपुर में पालतू कुत्तों की लापरवाही से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित राधाकुंज धोलाई की एक रिहायशी सोसायटी में पड़ोसी के पालतू जर्मन शेफर्ड ने 4 वर्षीय मासूम बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद बच्ची को एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, पत्रकार कॉलोनी क्षेत्र की एक रेजीडेंसी में रहने वाले संतोष कुमार माथा की 4 वर्षीय बेटी आद्विका खंडेलवाल अक्सर सोसायटी में अन्य बच्चों के साथ खेलने जाया करती थी। 24 मई की रात करीब 8:30 बजे वह अपने दोस्तों को बुलाने के लिए पास के एक फ्लैट पर पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि फ्लैट का मुख्य गेट बंद होने पर बच्ची ने डोरबेल बजाई। जैसे ही गेट खोला गया, अंदर मौजूद पालतू जर्मन शेफर्ड तेजी से बाहर आया और बच्ची पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में कुत्ते ने सीधे बच्ची के सिर पर काट लिया और उसे बुरी तरह नोंच डाला।
हमले के दौरान बच्ची गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गई और उसके सिर से काफी खून बहने लगा। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद कुत्ते के मालिकों ने पहले अपने डॉग को अंदर किया और गेट बंद कर लिया। वहीं आसपास मौजूद अन्य लोगों ने घायल बच्ची की मदद करते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन बच्ची को तुरंत जयपुर के एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची के सिर और आंख के ऊपर गहरे घाव आए हैं। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन आगे प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
बच्ची के पिता संतोष कुमार ने बताया कि उनकी बेटी इस घटना के बाद मानसिक रूप से भी काफी सहम गई है। रात में नींद खुलने पर भी वह डॉग अटैक को याद कर डर जाती है। डॉक्टरों की सलाह पर उसका लगातार इलाज कराया जा रहा है।
घटना के करीब एक सप्ताह बाद रविवार को पीड़ित परिवार ने पत्रकार कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद सोसायटी में रहने वाले लोगों ने भी पालतू कुत्तों की सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े और आक्रामक नस्ल के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर उचित सुरक्षा उपायों के साथ रखा जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।