जयपुर सेंट्रल जेल में संदिग्ध पैकेट की बरामदगी: दीवार फलांगीकर सुरक्षा में सेंध, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
जयपुर सेंट्रल जेल के वार्ड नंबर 3 में दीवार के ऊपर से फेंका गया संदिग्ध पैकेट बरामद, प्रहरी सीताराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई, लाल कोठी पुलिस ने जांच शुरू की।
जयपुर, 12 नवंबर 2025: राजधानी जयपुर की सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जेल परिसर में एक संदिग्ध पैकेट बरामद होने का मामला सामने आया है, जिसे ऊंची दीवार के ऊपर से अंदर फेंक दिया गया था। यह पैकेट जेल के खाली स्थान पर एक कोठरी के पास पड़ा मिला। जेल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है, और अब इसकी गहन जांच चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना जेल की सुरक्षा प्रक्रियाओं में कमजोरी को उजागर करती है, खासकर तब जब जेल में उच्च प्रोफाइल कैदी बंद हैं।
घटना का विवरण: कैसे और कहां मिला पैकेट? घटना सोमवार, 11 नवंबर 2025 को जयपुर सेंट्रल जेल के वार्ड नंबर 3 में घटी। जेल के प्रहरी सीताराम (उम्र 47 वर्ष) ने रूटीन गश्त के दौरान जेल परिसर के एक खाली स्थान पर पैकेट को देखा। यह पैकेट जेल की ऊंची दीवार के ऊपर से फेंका गया प्रतीत होता है, जो जेल की बाहरी सीमा पर स्थित है। पैकेट कोठरी के पास ही पड़ा हुआ था, लेकिन किसी भी कैदी की पहुंच में नहीं था। जेल अधिकारियों के अनुसार, पैकेट को तुरंत छुआए बिना सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया और विशेषज्ञ टीम को सूचना दी गई।संदिग्ध पैकेट का आकार और सामग्री अभी तक स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में इसे नशीले पदार्थों या अन्य वर्जित वस्तुओं से भरपूर होने का शक जताया जा रहा है। जेल प्रशासन ने बताया कि पैकेट को फेंकने का प्रयास रात के समय किया गया था, जब निगरानी कम होती है। यह घटना जेल की CCTV फुटेज और गार्डों के लॉग्स की जांच के बाद सामने आई।
पुलिस कार्रवाई: लाल कोठी थाने में केस दर्ज जेल प्रशासक ने घटना की सूचना मिलते ही लाल कोठी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। थाने के SHO प्रकाश बिश्नोई ने बताया, "प्रहरी सीताराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला जेल के वार्ड नंबर 3 का है, और हमने IPC की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पैकेट की फॉरेंसिक जांच चल रही है, और दीवार के आसपास के क्षेत्र में फिंगरप्रिंट्स व अन्य सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।" SHO बिश्नोई ने आगे कहा कि संदिग्ध पैकेट को जेल के बाहर से फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए आसपास के CCTV कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह जेल के किसी पूर्व कैदी या बाहरी तत्वों द्वारा साजिश के तहत किया गया हो सकता है। फिलहाल, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जेल के आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
जेल सुरक्षा पर सवाल: क्या है पृष्ठभूमि? जयपुर सेंट्रल जेल राजस्थान की सबसे बड़ी जेलों में से एक है, जहां विभिन्न अपराधों के सैकड़ों कैदी बंद हैं, जिनमें मादक पदार्थों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। हाल के वर्षों में जेलों में नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जो दीवार फांदकर या ड्रोन के जरिए की जाती है। इस घटना ने जेल विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस छेड़ दी है। जेल महानिदेशालय ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए दीवारों पर अतिरिक्त बैरियर और 24x7 निगरानी सिस्टम लगाए जा रहे हैं।एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "ऐसी कोशिशें समय-समय पर होती रहती हैं, लेकिन हमारी तत्परता से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।" विशेषज्ञों का सुझाव है कि जेलों में कैनाइन यूनिट्स (कुत्तों की विशेष टीम) और ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम को मजबूत किया जाए।
संभावित प्रभाव और आगे की जांच; इस घटना से जेल के अंदर हड़कंप मच गया है। कैदियों को अतिरिक्त सर्चिंग का सामना करना पड़ रहा है, जबकि स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने पैकेट की सामग्री की लैब जांच के लिए भेज दिया है, और यदि इसमें वर्जित वस्तुएं पाई गईं तो मामला NDPS एक्ट के तहत दर्ज हो सकता है। जयपुर पुलिस आयुक्त ने भी इसकी निगरानी के आदेश दिए हैं।