जयपुर में किराए के मकान में फंदे से लटकी मिली 32 वर्षीय महिला, बगरू पुलिस ने तोड़ा ताला
जयपुर के बगरू इलाके में उत्तर प्रदेश के मोदीनगर निवासी 32 वर्षीय मीनू शर्मा ने किराए के कमरे में चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने ताला तोड़कर शव बरामद किया, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जयपुर, 21 नवंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने शहरवासियों को सदमे में डाल दिया है। बगरू इलाके में एक किराए के कमरे में उत्तर प्रदेश की रहने वाली 32 वर्षीय महिला मीनू शर्मा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। बुधवार को घटना की जानकारी मिलते ही बगरू थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कमरे का ताला बंद होने के कारण पुलिस को दरवाजा तोड़ना पड़ा, जिसके बाद महिला का शव बाहर निकाला गया। पुलिस जांच में महिला के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे आत्महत्या के पीछे के कारणों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना का विवरण; घटना जयपुर के बगरू क्षेत्र में बुधवार सुबह के आसपास की बताई जा रही है। मीनू शर्मा किराए के एक छोटे से कमरे में अकेली रह रही थीं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कमरे से अजीब सी सन्नाटा आने पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी। मकान मालिक ने तुरंत बगरू थाने को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कमरे का ताला तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। मीनू शर्मा अपनी चुन्नी को कमरे की छत से बांधकर फंदे से लटकी हुईं मिलीं। शव को तुरंत बाहर निकाला गया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई।पुलिस ने बताया कि शव को जयपुर के एक सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, जहां दोपहर तक पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। शाम तक शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पीड़िता का बैकग्राउंड; मृतका मीनू शर्मा (32) उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मोदीनगर की रहने वाली थीं। परिवार के अनुसार, मीनू कुछ महीनों पहले जयपुर आई थीं, जहां वे एक निजी कंपनी में काम करती थीं। वे अविवाहित थीं और अकेले ही बगरू के एक किराए के मकान में रह रही थीं। परिजनों ने बताया कि मीनू का परिवार मोदीनगर में ही रहता है, जहां उनके माता-पिता और दो भाई-बहन हैं। वे मूल रूप से एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती थीं। जयपुर आने के बाद वे परिवार से नियमित संपर्क में रहती थीं, लेकिन हाल के दिनों में उनके व्यवहार में कुछ बदलाव नजर आ रहा था।परिजनों ने पुलिस को बताया कि मीनू को कोई गंभीर बीमारी तो नहीं थी, लेकिन वे अक्सर तनावग्रस्त रहने लगी थीं। संभवतः काम के दबाव या निजी जीवन की परेशानियों के कारण उन्होंने यह कदम उठाया हो। हालांकि, पुलिस ने किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की आशंका से इनकार किया है।
पुलिस जांच और सुसाइड नोट की अनुपस्थिति; बगरू थाना प्रभारी ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने पर कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। महिला के मोबाइल फोन और अन्य सामान की जांच की जा रही है, जिसमें उनके कॉल रिकॉर्ड और मैसेज चेक किए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि मीनू अंतर्मुखी स्वभाव की थीं और कम ही लोगों से बातचीत करती थीं। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामला आत्महत्या का मानते हुए आगे की जांच जारी रखी है।पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, लेकिन कमरे के बाहर कोई असामान्य गतिविधि नजर नहीं आई। थाना प्रभारी ने कहा, "हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। यदि कोई बाहरी दबाव या अन्य कारण सामने आता है, तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह आत्महत्या का मामला ही प्रतीत हो रहा है।"