पति ने बेची लाइब्रेरी और जमीन, पत्नी ने दिल्ली पुलिस की नौकरी पाते ही छोड़ा साथ
एक पति ने अपनी पत्नी पर दिल्ली पुलिस की नौकरी पाने के लिए शादी छिपाने और धोखा देने का आरोप लगाया, जिसके बाद मामला कोर्ट और मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया।
पलवल के बड़ौली गांव के रहने वाले 26 वर्षीय पीतम ने साल 2021 में एक लाइब्रेरी शुरू की थी, ताकि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को पढ़ाई का माहौल मिल सके। इसी लाइब्रेरी में उनकी मुलाकात राजीव नगर की एक युवती से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। पीतम ने युवती को अपने परिवार से मिलवाया और 4 जनवरी 2023 को बल्लभगढ़ के आर्य समाज मंदिर में दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद वे कुछ समय युवती के मायके में रहे, फिर रसूलपुर चौक पर किराए के फ्लैट में रहने लगे।
पत्नी की नौकरी के लिए बेची लाइब्रेरी और जमीन
पीतम ने बताया कि उनकी पत्नी ने दिल्ली पुलिस में भर्ती के लिए आवेदन किया था। इस दौरान पढ़ाई और अन्य खर्चों के लिए आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। इन जरूरतों को पूरा करने के लिए पीतम ने अपनी लाइब्रेरी बेच दी और अपनी कुछ पैतृक जमीन का हिस्सा भी बेच दिया। उन्होंने अपनी पत्नी की लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) की तैयारी में भी पूरा साथ दिया। उनकी मेहनत रंग लाई और फरवरी 2024 में उनकी पत्नी को दिल्ली पुलिस में ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया।
वेरिफिकेशन में छिपाई शादी की बात
पीतम का आरोप है कि उनकी पत्नी ने दिल्ली पुलिस में भर्ती के दौरान वेरिफिकेशन प्रक्रिया में खुद को अविवाहित दिखाया, जबकि वे शादीशुदा थे। इस बात का खुलासा पीतम को बाद में हुआ। फरवरी 2025 में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी पत्नी सीधे अपने मायके चली गईं और उन्होंने पीतम से कोई संपर्क नहीं किया। जब पीतम अपनी पत्नी को लेने राजीव नगर उनके मायके पहुंचे, तो उनके ससुराल वालों ने सामाजिक तौर पर शादी न होने का हवाला देकर बेटी को साथ भेजने से इनकार कर दिया। पत्नी ने भी पीतम के साथ रहने से साफ मना कर दिया।
पत्नी का जवाब: धोखे से की गई थी शादी
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल बनी युवती ने पीतम के सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि पीतम ने उसे बहकाकर और धोखे से शादी के लिए मंदिर ले जाया था, जहां उनके परिवार के लोग पहले से मौजूद थे। युवती का यह भी दावा है कि पीतम ने अपनी लाइब्रेरी अपने कर्ज चुकाने के लिए बेची थी, न कि उसकी पढ़ाई के लिए। उसने कहा कि उसने अपनी पहली तनख्वाह से पीतम को 1 लाख रुपये दिए और 5 लाख रुपये का लोन लेकर लाइब्रेरी खोलने में मदद की थी। युवती ने यह भी बताया कि उसने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज की है और पीतम ने लिखित में वादा किया था कि वह दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेगा।
कोर्ट और मानवाधिकार आयोग में शिकायत
इस पूरे मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। पीतम ने अपनी पत्नी के खिलाफ हरियाणा के मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उनकी पत्नी उन्हें तलाक देने के लिए दबाव बना रही है और फोन पर धमकियां भी दे रही है। वहीं, युवती का कहना है कि पीतम उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है और गुजारा भत्ता लेने की धमकी दे रहा है। इस मामले की सुनवाई अब कोर्ट में चल रही है।