वाराणसी के यूपी कॉलेज में दिनदहाड़े बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या, कैंपस में भारी बवाल और पथराव।
वाराणसी के यूपी कॉलेज में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप की गोली मारकर हत्या। आरोपी छात्र मंजीत फरार। कैंपस में भारी बवाल और पुलिस बल तैनात। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
वाराणसी (उत्तर प्रदेश): धर्म और शिक्षा की नगरी वाराणसी का प्रतिष्ठित उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज शुक्रवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। कॉलेज परिसर में एक छात्र ने दूसरे छात्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद पूरे कैंपस में तनाव फैल गया और उग्र छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ और पथराव किया।
क्लासरूम के बाहर चलीं 4 गोलियां
मृतक छात्र की पहचान गाजीपुर निवासी सूर्य प्रताप सिंह (23) के रूप में हुई है, जो बीएससी सेकेंड ईयर का छात्र था। घटना सुबह करीब 10:30 बजे कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी छात्र मंजीत सिंह चौहान ने सूर्य प्रताप पर ताबड़तोड़ 4 गोलियां दागीं। गोलियां छात्र के सिर, सीने और पेट में लगीं, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप, कैंपस बना जंग का मैदान
घटना के बाद साथी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का दावा है कि विवाद के बाद प्रिंसिपल ने दोनों को बुलाया था और सबके सामने सूर्य प्रताप को जलील किया गया, जिसके तुरंत बाद मंजीत ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी।
हत्या की खबर फैलते ही सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए। उग्र भीड़ ने कॉलेज की कुर्सियां तोड़ दीं और बाहर खड़ी गाड़ियों पर पथराव किया। इस पथराव में तीन प्रोफेसर भी घायल हुए हैं। स्थिति को संभालने के लिए वाराणसी के सात थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात की गई है।
20 दिन बाद कॉलेज पहुंचा था इकलौता बेटा
सूर्य प्रताप के पिता अतुलानंद स्कूल में ड्राइवर हैं और मां वहीं सहायिका हैं। परिजनों के मुताबिक, सूर्य को चेचक (Smallpox) हुआ था, जिसकी वजह से वह 20 दिन से कॉलेज नहीं जा रहा था। ठीक होने के बाद वह आज ही कॉलेज पहुंचा था, लेकिन उसे क्या पता था कि आज उसका आखिरी दिन होगा। ट्रॉमा सेंटर पहुंची मां अपने इकलौते बेटे का शव देखकर बार-बार बेहोश हो रही हैं।
आरोपी का 'बागी' तेवर और इंस्टाग्राम पोस्ट
आरोपी मंजीत सिंह चौहान बीए सेकेंड ईयर का छात्र है और वाराणसी के चांदमारी इलाके का रहने वाला है। वारदात के बाद वह पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर और छत से कूदकर फरार हो गया। पुलिस जांच में मंजीत का इंस्टाग्राम अकाउंट सामने आया है, जिसमें उसने 3 दिन पहले लिखा था— "हम बागी रहेंगे उन महफिलों में, जहां शोहरत तलवे चाटने से मिलती है।" उसके बायो में "जय मां भवानी" और स्वाभिमान को लेकर चेतावनी भरे शब्द लिखे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को शांत कराया। पुलिस ने कॉलेज के सीसीटीवी और डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 6 टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह तात्कालिक विवाद लग रहा है, हालांकि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।