गुजरात के कच्छ में दोस्ती और प्यार की खातिर बेरहमी से हत्या: 20 साल के रमेश को कुल्हाड़ी से काटा, शव के 6 टुकड़े कर बोरवेल और जमीन में छिपाया
गुजरात के कच्छ में अपनी गर्लफ्रेंड से दोस्ती करने की कोशिश करने पर किशोर ने दोस्त रमेश की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी, शव के 6 टुकड़े किए, सिर-हाथ-पैर बोरवेल में फेंके और धड़ खेत में गाड़ दिया। मृतक का मोबाइल बरामद होने से आरोपी पकड़ा गया।
गुजरात के कच्छ जिले के नखत्राणा तालुका के मुरु गांव में 6 दिसंबर 2025 की रात एक ऐसी खौफनाक वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। 20 साल का युवक रमेश माहेश्वरी अपने ही सबसे करीबी दोस्त किशोर माहेश्वरी के हाथों मारा गया। वजह? रमेश किशोर की गर्लफ्रेंड से दोस्ती करना चाहता था और बार-बार उसे मैसेज कर परेशान कर रहा था।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम? पुलिस के मुताबिक, 6 दिसंबर की रात किशोर ने रमेश को “पार्टी करने चल” का बहाना बनाकर अपने खेत पर बुलाया। दोनों ने साथ में खाना खाया। खाना खत्म होते ही किशोर ने अचानक कुल्हाड़ी निकाली और रमेश के सिर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। कुछ ही मिनटों में रमेश की मौके पर ही मौत हो गई।हत्या के बाद किशोर ने अपने एक नाबालिग दोस्त की मदद ली और शव को ठिकाने लगाने की भयावह योजना बनाई:दोनों ने मिलकर शव के छह टुकड़े किए। दोनों हाथ और दोनों पैर काटकर एक बोरवेल में फेंक दिए। सिर को अलग से दूसरे बोरवेल में डाला। धड़ (ट्रंक) को प्लास्टिक में लपेटकर उसी खेत में कुएं के पास गहराई में गाड़ दिया।
मोबाइल फोन बना गुनाह की चाबी रमेश के लापता होने की रिपोर्ट 7 दिसंबर को दर्ज हुई। पुलिस ने जब उसके दोस्तों से पूछताछ शुरू की तो किशोर पर शक हुआ। उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां से रमेश का मोबाइल फोन बरामद हो गया। मोबाइल मिलते ही किशोर टूट गया और उसने सारी वारदात कबूल कर ली।
वजह: गर्लफ्रेंड पर नजर किशोर ने पुलिस को बताया:“रमेश मेरी गर्लफ्रेंड को बार-बार मैसेज करता था, दोस्ती का दबाव बनता था। मैंने उसे कई बार समझाया, धमकाया भी, लेकिन वो नहीं माना। गर्लफ्रेंड ने जब मुझे उसकी हरकतें बताईं तो गुस्सा इतना चढ़ा कि मैंने उसे खत्म करने का फैसला कर लिया।”
पुलिस की अब तक की कार्रवाई (10 दिसंबर 2025 तक) आरोपी किशोर माहेश्वरी और उसका नाबालिग साथी गिरफ्त में। खेत से धड़ बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। दो अलग-अलग बोरवेल से सिर और हाथ-पैर निकालने का काम जारी। हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज। कच्छ के एसपी विकास सुंडा ने बताया कि आरोपी ने सारी योजना पहले से तैयार कर रखी थी और हत्या के बाद शव को इस तरह ठिकाने लगाया कि कई दिनों तक कोई पता ही न चले। लेकिन मृतक का मोबाइल ही उसका गुनाह बन गया।