फतेहगढ़ के गोल्डन हैंडलूम शोरूम में भीषण आग: तीन मंजिला इमारत जलकर हुई राख, करोड़ों का नुकसान

राजस्थान के जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ में गोल्डन हैंडलूम के तीन मंजिला शोरूम में भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 2-3 घंटे देरी से पहुंचीं, जिससे पूरा शोरूम जलकर राख हो गया और करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की। कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रशासन की लापरवाही पर लोगों में गुस्सा है।

Jan 2, 2026 - 12:39
फतेहगढ़ के गोल्डन हैंडलूम शोरूम में भीषण आग: तीन मंजिला इमारत जलकर हुई राख, करोड़ों का नुकसान

राजस्थान के जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गोल्डन हैंडलूम शोरूम में हाल ही में एक भयानक आग लग गई, जिसने पूरे तीन मंजिला भवन को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि कुछ ही घंटों में पूरा शोरूम जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया। अनुमान के अनुसार, इस हादसे में करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है, जिसमें हैंडलूम कपड़े, फर्नीचर और अन्य सामग्री शामिल है।

आग लगने का कारण और शुरुआती स्थिति आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। घटना उस समय हुई जब शोरूम बंद था, जिसके कारण शुरुआत में आग पर काबू पाने में देरी हुई। जैसे ही आसपास के लोगों को धुएं और लपटों का पता चला, इलाके में हड़कंप मच गया।

प्रशासन की देरी और स्थानीय लोगों का प्रयास सबसे दुखद पहलू यह रहा कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर तुरंत नहीं पहुंची। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 2 से 3 घंटे की देरी से घटनास्थल पर पहुंचीं, जिसके कारण आग अनियंत्रित होकर पूरे भवन में फैल गई। इस देरी के चलते नुकसान कई गुना बढ़ गया।इस बीच, स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों ने खुद आगे आकर आग बुझाने की कोशिश की। उन्होंने बाल्टियों, पाइपों और उपलब्ध साधनों से आग पर पानी डालकर काबू पाने का भरसक प्रयास किया। पुलिस टीम समय पर मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित रखने में मदद की, लेकिन अग्निशमन सुविधाओं की कमी के कारण स्थानीय लोग असहाय महसूस कर रहे थे। सौभाग्य से, इस हादसे में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई या कोई जनहानि नहीं हुई।

स्थानीय लोगों में रोष क्षेत्रवासियों में प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि फतेहगढ़ जैसे क्षेत्र में पहले भी फायर ब्रिगेड स्टेशन या बेहतर अग्निशमन व्यवस्था की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों और व्यापारियों का मानना है कि अगर समय पर फायर ब्रिगेड पहुंचती, तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर कर दिया है।

अधिकारियों का निरीक्षण घटना की जानकारी मिलते ही सागड़ पुलिस उपखंड अधिकारी भरत राज, तहसीलदार नखत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया, क्षति का आकलन किया और संबंधित पक्षों से बातचीत की। जांच के बाद आग के सटीक कारणों का पता लगाया जाएगा, साथ ही नुकसान की भरपाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विचार किया जाएगा।यह घटना न केवल शोरूम मालिक के लिए बड़ा आर्थिक झटका है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी भी है। ऐसे हादसों से बचने के लिए बिजली की नियमित जांच, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.