सिंगापुर में बसे भारतीयों को ठगने वाले साइबर अपराधियों को हरियाणा कोर्ट ने सुनाई 2.5 साल की सजा

पंचकूला, हरियाणा की सीबीआई कोर्ट ने सिंगापुर में रहने वाले भारतीयों को ठगने वाले साइबर अपराधी आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन को 2.5 साल की सजा सुनाई। दोनों ने फर्जी कानूनी धमकियों और प्रतिरूपण के जरिए पीड़ितों से पैसे ऐंठे। सीबीआई ने डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण के आधार पर 2020 में आरोप पत्र दायर किया था। यह फैसला साइबर अपराध के खिलाफ कड़ा संदेश देता है।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 31, 2025 • 7:59 PM  159
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सिंगापुर में बसे भारतीयों को ठगने वाले साइबर अपराधियों को हरियाणा कोर्ट ने सुनाई 2.5 साल की सजा
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सिंगापुर में बसे भारतीयों को ठगने वाले साइबर अपराधियों को हरियाणा कोर्ट ने सुनाई 2.5 साल की सजा

पंचकूला, हरियाणा: साइबर अपराध की दुनिया में एक बड़ा सबक सिखाने वाला फैसला सामने आया है। हरियाणा के पंचकूला में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को निशाना बनाने वाले एक साइबर ठगी मामले में दो आरोपियों, आदित्य भारद्वाज उर्फ भानु और दीपक जैन उर्फ डीसी उर्फ डीजे, को 2.5 साल की कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला सिंगापुर में रहने वाले भारतीयों को झूठी कानूनी धमकियों और प्रतिरूपण के जरिए ठगने से जुड़ा है, जिसने न केवल तकनीकी अपराधों की गंभीरता को उजागर किया, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत को भी रेखांकित किया।

मामले की पृष्ठभूमि और सीबीआई की जांच

सीबीआई ने इस मामले को 27 सितंबर 2016 को दर्ज किया था, जब यह सामने आया कि आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन सिंगापुर में रहने वाले भारतीय नागरिकों को निशाना बना रहे थे। आरोपियों पर इल्ज़ाम था कि उन्होंने पीड़ितों को फर्जी कानूनी कार्रवाइयों और कथित पासपोर्ट अनियमितताओं की धमकियां देकर डराया और उन्हें पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। ठगों ने खुद को सरकारी या कानूनी अधिकारी बताकर पीड़ितों के साथ विश्वासघात किया और उनकी मेहनत की कमाई को हड़प लिया।

सीबीआई ने इस मामले की जांच को गंभीरता से लिया और डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और संचार के नेटवर्क का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर पीड़ितों को जाल में फंसाया। डिजिटल फोरेंसिक और वित्तीय ट्रेल्स के आधार पर सीबीआई ने 22 दिसंबर 2020 को आरोपियों के खिलाफ मजबूत आरोप पत्र दायर किया।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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