टोंक के CRPF इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा की छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान शहादत: बेटे की शादी की तैयारी में थे, छुट्टी लेकर घर आने वाले थे, लेकिन हादसे ने छीन ली जिंदगी

टोंक जिले के दौलतपुरा निवासी CRPF इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा (54-56 वर्ष) छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान 20 जनवरी को पेट्रोलिंग के समय बाइक समेत खाई में गिर गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। वे अपनी पत्नी लादी देवी से 19 जनवरी रात को बात कर एक महीने की छुट्टी लेकर घर आने और बेटे की शादी की बात कर रहे थे। पार्थिव देह 21 जनवरी को जयपुर एयरपोर्ट से टोंक लाई गई, जहां सिरोली मोड़ से दौलतपुरा तक 15 किमी तिरंगा यात्रा निकाली गई। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ, छोटे बेटे धीरज ने मुखाग्नि दी। पूरा क्षेत्र शोक में डूबा है।

Jan 21, 2026 - 14:50
टोंक के CRPF इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा की छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान शहादत: बेटे की शादी की तैयारी में थे, छुट्टी लेकर घर आने वाले थे, लेकिन हादसे ने छीन ली जिंदगी

राजस्थान के टोंक जिले के दौलतपुरा गांव के निवासी CRPF इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा (उम्र लगभग 54-56 वर्ष) ने छत्तीसगढ़ में देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। वे CRPF की 65वीं वाहिनी में तैनात थे और एक विशेष ऑपरेशन पर जा रहे थे, तभी मंगलवार 20 जनवरी 2026 को सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। पेट्रोलिंग के दौरान उनकी बाइक फिसल गई और वे बाइक समेत गहरी खाई में गिर पड़े, जिससे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

यह घटना छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ओड इलाके में हुई, जहां वे अपनी टीम के साथ ऑपरेशन के लिए जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही CRPF अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को एयरप्लेन से जयपुर लाया गया। इसके बाद सड़क मार्ग से टोंक जिले के उनके पैतृक गांव दौलतपुरा ले जाया गया।

परिवार के साथ आखिरी बातचीत और अधूरी उम्मीदें

इंस्पेक्टर भंवरलाल मीणा ने अपनी पत्नी लादी देवी (52 वर्ष) से आखिरी बार 19 जनवरी की रात करीब 8 बजे फोन पर बात की थी। उन्होंने खुशी-खुशी बताया था कि वे इस साल एक महीने की छुट्टी लेकर घर आएंगे और छोटे बेटे की शादी की तैयारियां पूरी करेंगे। परिवार वाले बेटे की शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे, लेकिन अगले ही दिन यह दुखद हादसा हो गया। पत्नी लादी देवी ने शोक में बिलखते हुए कहा कि "वे अगले महीने घर आने वाले थे... लेकिन अब कभी नहीं आएंगे।" यह सुनकर पूरे परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

शहीद को मिला भावपूर्ण श्रद्धांजलि और सैन्य सम्मान

बुधवार को जब पार्थिव देह गांव पहुंची, तो घाड़ थाना क्षेत्र के सिरोली मोड़ तिराहा से दौलतपुरा तक लगभग 15 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। सैकड़ों लोग, स्थानीय निवासी, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और CRPF के साथी जवान शामिल हुए। यात्रा के दौरान लोग फूल बरसा रहे थे और नारे लगा रहे थे।

गांव पहुंचने पर शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को रखा गया। अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया गया। छोटे बेटे धीरज ने मुखाग्नि दी। पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ था, जहां एक तरफ शहीद की वीरता की चर्चा हो रही थी, तो दूसरी तरफ परिवार की अधूरी खुशियों पर आंसू बह रहे थे।

परिवार और समाज पर गहरा सदमा

भंवरलाल मीणा पुत्र चतरा मीणा थे और देवली उपखंड के दूनी क्षेत्र से संबंध रखते थे। वे लंबे समय से CRPF में सेवा दे रहे थे और कई चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में ड्यूटी कर चुके थे। उनका निधन न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे टोंक जिले और CRPF परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। स्थानीय लोग उन्हें "देश का सच्चा सपूत" बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.