चूरू हत्याकांड: छोटे भाई ने मंदबुद्धि बड़े भाई की देखभाल से तंग आकर कर दी हत्या, शव को हाईवे किनारे गड्ढे में दबाया
राजस्थान के चूरू जिले में 20 वर्षीय अंकित मेघवाल ने अपने मंदबुद्धि बड़े भाई विकास मेघवाल (25) की देखभाल से परेशान होकर हत्या कर दी। उसने पहले भाई को शराब पिलाई, फिर रस्सी से गला घोंटकर मार डाला और शव को NH-52 के किनारे गड्ढे में दबा दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान के चूरू जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक छोटे भाई ने अपने मंदबुद्धि बड़े भाई की हत्या कर दी। आरोपी ने पहले बड़े भाई को शराब पिलाई, फिर रस्सी से गला घोंटकर मार डाला और शव को नेशनल हाईवे के किनारे एक गड्ढे में फेंककर मिट्टी से दबा दिया। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले का खुलासा किया। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह बड़े भाई की देखभाल से परेशान था, इसलिए इस वारदात को अंजाम दिया।यह मामला रतननगर थाना क्षेत्र का है। चूरू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जय यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी घटना की जानकारी दी। उनके अनुसार, 21 दिसंबर को नेशनल हाईवे-52 पर सिंगापुर हब के पास एक युवक का शव मिला था। शव एक गड्ढे में दबा हुआ था और बदबू आने के कारण एक चरवाहे ने होटल मालिक को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी मिली।शव की शिनाख्त 23 दिसंबर को हुई। मृतक की पहचान झुंझुनूं जिले के बिसाऊ थाना क्षेत्र के धीरासर गांव निवासी विकास मेघवाल (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि हत्या रस्सी से गला दबाकर की गई है।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज का अहम रोल पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। हाईवे, रतननगर और बिसाऊ क्षेत्र में 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इन फुटेज में विकास मेघवाल के साथ उसका छोटा भाई अंकित मेघवाल (उम्र 20 वर्ष) नजर आया। इससे पुलिस का शक अंकित पर गया।अंकित की बदमाश प्रवृत्ति की जानकारी भी पुलिस को मिली। शक के आधार पर अंकित को पूछताछ के लिए बुलाया गया। शुरू में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपराध कबूल कर लिया।
हत्या की वजह: देखभाल की जिम्मेदारी से परेशानी पूछताछ में सामने आया कि विकास मेघवाल मंदबुद्धि था। वह अक्सर घर से बिना बताए निकल जाता था, जिससे उसकी देखभाल में काफी परेशानी होती थी। परिवार की स्थिति और भी दयनीय थी—विकास की मां दिव्यांग हैं और पिता की मौत विदेश में पहले ही हो चुकी थी। घर की सारी जिम्मेदारी अंकित पर थी, जिससे वह तंग आ चुका था। इसी परेशानी ने उसे हत्या के लिए उकसाया।पुलिस के अनुसार, मामले में एक नाबालिग की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी जांच जारी है।
वारदात कैसे अंजाम दी गई एसपी जय यादव ने बताया कि 13 दिसंबर की शाम अंकित ने अपने बड़े भाई विकास को बिसाऊ लेकर गया। वहां उसे शराब पिलाई। इसके बाद दोनों NH-52 पर सूरज होटल के पास पहुंचे। यहां अंकित ने विकास को दोबारा शराब पिलाई। जब विकास नशे में धुत हो गया, तो अंकित ने रस्सी से उसका गला दबाकर हत्या कर दी।हत्या के बाद अंकित ने शव को होटल के पीछे एक गड्ढे में फेंक दिया और ऊपर से मिट्टी डालकर दबा दिया। शव हत्या के पूरे 8 दिन बाद, यानी 21 दिसंबर को बरामद हुआ।