चीनी के सौदे ने ली व्यापारी की जान, 51 साल पुरानी रहस्यमयी हत्या आज भी अनसुलझी.

राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर क्षेत्र में करीब 51 साल पहले चीनी के सौदे के लिए घर से निकले एक व्यापारी की रहस्यमयी हत्या कर दी गई। अगली सुबह गांव के बाहर उसका शव मिला। मृतक की पत्नी ने सदमे में पूरी रात शव के पास बैठकर गुजारी। पुलिस को हत्या से पहले घर आए चार संदिग्धों की जानकारी मिली, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण मामला अनसुलझा रह गया। यह हत्याकांड आज भी राजस्थान के पुराने क्राइम रिकॉर्ड में दर्ज है।

Jan 6, 2026 - 17:13
Jan 6, 2026 - 17:14
चीनी के सौदे ने ली व्यापारी की जान, 51 साल पुरानी रहस्यमयी हत्या आज भी अनसुलझी.

राजस्थान(चूरू):- राजस्थान के चुरु जिले के सरदारशहर क्षेत्र में करीब पांच दशक पहले घटित एक सनसनीखेज हत्याकांड आज भी लोगों के दिलों में डर और सवाल छोड़ जाता है। यह मामला मितासर गांव का है, जहां एक युवा व्यापारी चीनी के व्यापार से जुड़ा सौदा करने के लिए घर से निकला था, लेकिन फिर कभी लौटकर नहीं आया। अगले दिन उसका शव गांव के बाहर मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

उस दौर में चीनी जैसी जरूरी वस्तुओं का व्यापार जोखिम भरा माना जाता था। व्यापारी रोजमर्रा की तरह घर से सौदे की बात कहकर निकला था। शाम ढलने लगी, लेकिन जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। रात भर उसका इंतजार किया गया, मगर कोई सुराग नहीं मिला। सुबह होते ही गांव के बाहर एक व्यक्ति का शव मिलने की खबर आग की तरह फैल गई।

जैसे ही यह सूचना व्यापारी की पत्नी तक पहुंची, वह बदहवास हालत में घटनास्थल पर पहुंची। पति का शव देखते ही वह टूट गई। ग्रामीणों के अनुसार, वह अपने पति की लाश के पास बैठकर फूट-फूटकर रोती रही और पूरी रात वहीं बिताई। गांव के लोग उसे समझाते रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने की हालत में नहीं थी। पत्नी का यह करुण दृश्य आज भी ग्रामीणों की स्मृतियों में सबसे दर्दनाक याद के रूप में दर्ज है।

पुलिस जांच में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बताया गया कि हत्या से एक रात पहले व्यापारी के घर चार अज्ञात लोग आए थे। उन्होंने कथित तौर पर चीनी के सौदे को लेकर बातचीत की थी। इसके बाद व्यापारी उनके साथ या उनके कहने पर बाहर निकला, लेकिन फिर उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने आशंका जताई कि हत्या के पीछे लूट, व्यापारिक विवाद या पुरानी रंजिश हो सकती है, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका।

उस समय जांच के आधुनिक संसाधन और तकनीक सीमित थे, जिससे पुलिस कई कड़ियां जोड़ नहीं पाई। कुछ संदिग्धों से पूछताछ जरूर हुई, लेकिन मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया। न तो हत्यारे पकड़े गए और न ही हत्या का असली मकसद सामने आ सका।

आज करीब 51 साल बाद भी यह मामला राजस्थान के पुराने क्राइम रिकॉर्ड में दर्ज है। सरदारशहर और चूरू क्षेत्र में जब भी पुराने अपराधों की चर्चा होती है, तो इस हत्याकांड का जिक्र जरूर किया जाता है। व्यापारी की पत्नी का अपने पति के शव के पास बैठकर पूरी रात रोते रहना इस केस की सबसे मार्मिक और दिल दहला देने वाली तस्वीर बन चुका है।

यह हत्याकांड “राजस्थान क्राइम फाइल्स” की उन कहानियों में शामिल है, जो समय के साथ दफन तो हो गईं, लेकिन आज भी अनगिनत सवाल छोड़ जाती हैं। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी को दर्शाता है, बल्कि उस दौर की सीमित जांच व्यवस्था और अनसुलझे अपराधों की हकीकत भी उजागर करता है।