ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हनुक्का उत्सव के दौरान सामूहिक गोलीबारी: 10 की मौत, कई घायल
14 दिसंबर 2025 को सिडनी के बॉन्डी बीच पर हनुक्का (यहूदियों का प्रकाश पर्व) के पहले दिन आयोजित 'चनुका बाय द सी' उत्सव के दौरान दो हमलावरों ने गोलीबारी की। इस हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक हमलावर भी शामिल है। पुलिस ने एक हमलावर को गोली मार दी, जबकि दूसरे को हिरासत में लिया। 12 से अधिक लोग घायल हुए। एक बहादुर नागरिक ने एक हमलावर को निहत्था कर दिया। यह ऑस्ट्रेलिया में दशकों की सबसे बड़ी सामूहिक गोलीबारी है और संभवतः यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया हमला है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसे भयावह बताया। जांच जारी है।
14 दिसंबर 2025 को सिडनी के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर हनुक्का (यहूदियों का प्रकाश पर्व) के पहले दिन मनाए जा रहे "चनुका बाय द सी" उत्सव के दौरान एक भयावह गोलीबारी की घटना हुई। इस हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक हमलावर भी शामिल है। पुलिस ने एक हमलावर को गोली मारकर ढेर कर दिया, जबकि दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। घटना के समय बीच पर हजारों लोग मौजूद थे, जिनमें यहूदी समुदाय के परिवार और बच्चे शामिल थे।
घटना का विवरण समय और स्थान: रविवार शाम करीब 6:40 बजे (स्थानीय समय) नॉर्थ बॉन्डी बीच के पास, बॉन्डी पार्क प्लेग्राउंड और कैंपबेल परेड के निकट। यहां चाबाड ऑफ बॉन्डी द्वारा आयोजित हनुक्का उत्सव चल रहा था, जहां लाइव म्यूजिक, गेम्स और परिवारिक गतिविधियां हो रही थीं। हमलावर: दो या तीन हमलावर थे, जो हाई-पावर राइफल्स (शॉटगन जैसे) से लैस थे। उन्होंने करीब 50 गोलियां चलाईं। एक हमलावर को पुलिस ने मौके पर गोली मार दी, जबकि अन्य को हिरासत में लिया गया। बहादुर नागरिक की भूमिका: एक आम नागरिक ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक हमलावर से राइफल छीन ली और उसे काबू में किया। वीडियो फुटेज में सफेद शर्ट और काली पैंट पहने यह व्यक्ति कारों के पीछे छिपकर हमलावर के पास पहुंचता और झपट्टा मारकर हथियार छीनता दिखा। इस बहादुरी से कई जानें बचीं। घायल: कम से कम 13-16 लोग घायल हुए, जिन्हें सेंट विंसेंट, रॉयल प्रिंस अल्फ्रेड और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में बच्चे, एक 62 वर्षीय महिला और यहूदी संगठनों से जुड़े लोग शामिल हैं। कुछ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए। मौके पर ही कई लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान लोगों ने दर्जनों गोलियों की आवाज सुनी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। लोग रेत पर दौड़ते हुए भागे, बच्चे रोते हुए नजर आए। एक गवाह हैरी विल्सन ने बताया: "मैंने जमीन पर कम से कम 10 लोग पड़े देखे, चारों तरफ खून ही खून था।" सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में गोलीबारी की आवाजें, भागते लोग और घायलों को सीपीआर देते लोग दिखे।
सरकारी और समुदाय की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज: "बॉन्डी के दृश्य बेहद भयावह और दिल दहला देने वाले हैं। पुलिस और इमरजेंसी टीम जान बचाने में लगी है। मेरी संवेदनाएं प्रभावितों के साथ हैं।" यहूदी समुदाय: एग्जीक्यूटिव काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलियन ज्यूरी के को-चीफ एlex राइवचिन ने कहा कि यह उत्सव यहूदी समुदाय की खुशी का मौका था, लेकिन अगर यह लक्षित हमला था तो यह कल्पना से परे है। समुदाय के लोगों से घरों में रहने और सभी कार्यक्रम रद्द करने की अपील की गई। मेलबर्न का हनुक्का फेस्टिवल भी रद्द कर दिया गया। सुरक्षा: सिडनी में यहूदी संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए गए। पुलिस ने अफवाहों का खंडन किया कि अन्य जगहों पर भी घटनाएं हुईं।
पृष्ठभूमि: ऑस्ट्रेलिया में दुर्लभ मास शूटिंग यह घटना ऑस्ट्रेलिया में पिछले 30 वर्षों की सबसे बड़ी सामूहिक गोलीबारी है। इससे पहले 1996 में पोर्ट आर्थर नरसंहार हुआ था, जिसमें 35 लोग मारे गए थे, जिसके बाद देश में सख्त गन कंट्रोल कानून लागू हुए। वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में बंदूकें रखना बेहद मुश्किल है, इसलिए ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं।
हनुक्का पर्व का महत्व हनुक्का यहूदियों का आठ दिवसीय प्रकाश पर्व है, जो चमत्कार और उम्मीद का प्रतीक है। इस साल यह 14 दिसंबर से शुरू हुआ। ऑस्ट्रेलिया में सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में यहूदी समुदाय इसे पार्कों और बीच पर बड़े उत्साह से मनाता है। इस घटना ने उत्सव को गम में बदल दिया।