बीकानेर पीबीएम अस्पताल में गंभीर लापरवाही: कैंसर मरीज को चढ़ाया गया गलत ब्लड ग्रुप का खून, हालत नाजुक

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के कैंसर विंग में 75 वर्षीय महिला मरीज भवानी देवी को गलत ब्लड ग्रुप (A+ की जगह B+) का खून चढ़ा दिया गया। ब्लड चढ़ते ही गंभीर रिएक्शन हुआ, मरीज की हालत बिगड़ गई और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है, अस्पताल ने जांच शुरू की है।

Dec 18, 2025 - 12:54
बीकानेर पीबीएम अस्पताल में गंभीर लापरवाही: कैंसर मरीज को चढ़ाया गया गलत ब्लड ग्रुप का खून, हालत नाजुक

बीकानेर, 18 दिसंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) अस्पताल के आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (कैंसर विंग) में एक बेहद गंभीर मेडिकल लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां भर्ती 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला मरीज भवानी देवी को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया, जिससे उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और वे गंभीर रूप से बीमार हो गईं।

मरीज भवानी देवी को गंभीर एनीमिया (खून की कमी) की शिकायत के कारण कैंसर विंग में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के निर्देश पर उन्हें ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ी। उनका ब्लड ग्रुप 'A पॉजिटिव' है। पहली यूनिट ब्लड सही तरीके से चढ़ाई गई और कोई समस्या नहीं हुई। लेकिन दूसरी यूनिट ब्लड बैंक से 'B पॉजिटिव' सप्लाई कर दी गई। नर्सिंग स्टाफ ने बिना उचित क्रॉस-मैचिंग या ब्लड ग्रुप की दोबारा जांच किए यह ब्लड चढ़ाना शुरू कर दिया।

यह घटना बुधवार (17 दिसंबर 2025) रात की है। ब्लड चढ़ने के कुछ ही मिनटों बाद मरीज को गंभीर रिएक्शन शुरू हो गए। उन्हें उल्टी होना शुरू हो गई, सांस लेने में तकलीफ हुई, शरीर में कंपकंपी और अन्य लक्षण दिखाई दिए। गलती का पता तब चला जब मरीज के एक परिजन की नजर ब्लड बैग पर लिखे ब्लड ग्रुप पर पड़ी। तुरंत ट्रांसफ्यूजन रोका गया और इमरजेंसी ट्रीटमेंट शुरू किया गया। फिलहाल मरीज आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन अभी भी गंभीर बनी हुई है।

परिजनों का कहना है कि अगर समय पर गलती नहीं पकड़ी जाती तो मरीज की जान जा सकती थी। उन्होंने अस्पताल के ब्लड बैंक स्टाफ और नर्सिंग कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों ने सवाल उठाया कि ब्लड बैंक में क्रॉस-चेकिंग की मानक प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई? क्या स्टाफ की ट्रेनिंग में कमी है या जल्दबाजी में यह गलती हुई?

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार क्यों खतरनाक है गलत ब्लड ट्रांसफ्यूजन? ब्लड ट्रांसफ्यूजन में गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाना ABO इनकंपैटिबिलिटी का कारण बनता है। इससे हेमोलिटिक ट्रांसफ्यूजन रिएक्शन होता है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम डोनर की रेड ब्लड सेल्स पर हमला कर उन्हें नष्ट करने लगती है। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं जैसे – किडनी फेलियर, शॉक, डिसेमिनेटेड इंट्रावास्कुलर कोगुलेशन (DIC) और यहां तक कि मौत। A और B ग्रुप के बीच यह इनकंपैटिबिलिटी विशेष रूप से खतरनाक होती है। सौभाग्य से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप से जान बच गई।

अस्पताल प्रशासन का रुख घटना की जानकारी मिलते ही सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने कैंसर विंग का दौरा किया और विभागाध्यक्ष के साथ स्थिति की समीक्षा की। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया में सभी मानक नियमों का पालन किया जाता है, लेकिन इस घटना में चूक हुई है।

पीबीएम अस्पताल बीकानेर संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज विभिन्न राज्यों से भी इलाज के लिए आते हैं। कैंसर विंग उत्तर भारत का प्रमुख कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर है। लेकिन इस तरह की लापरवाही पहली बार नहीं सामने आई है। राजस्थान में पहले भी सरकारी अस्पतालों में गलत ब्लड ट्रांसफ्यूजन के मामले हो चुके हैं, जो मेडिकल प्रोटोकॉल की अनदेखी को उजागर करते हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.