ग्रिड में चलती रही शराब पार्टी, गांव में दौड़ता रहा करंट: पूर्व सरपंच के बेटे की तड़प-तड़पकर मौत, नशे में मिली पुलिस
भीलवाड़ा जिले के गुंदली गांव में 11केवी बिजली लाइन में फॉल्ट आने से ट्रांसफार्मर में आग लग गई और घरों में करंट फैल गया। हादसे में पूर्व सरपंच के बेटे की मौत हो गई, जबकि 7 लोग झुलस गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली ग्रिड पर कर्मचारी शराब पार्टी कर रहे थे और सूचना देने के बावजूद सप्लाई बंद नहीं की गई।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र स्थित गुंदली गांव में शनिवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। गांव से गुजर रही 11केवी बिजली लाइन में अचानक फॉल्ट आने से ट्रांसफार्मर में आग लग गई और पूरे गांव में करंट फैल गया। इस हादसे में पूर्व सरपंच के बेटे किशन लाल की मौत हो गई, जबकि करीब 7 लोग झुलस गए। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 12 बजे अचानक तेज धमाके की आवाज आई और ट्रांसफार्मर में आग लग गई। इसके बाद कई घरों में अचानक हाई वोल्टेज करंट फैल गया। उसी दौरान 35 वर्षीय किशन लाल पुत्र मांगी लाल मोबाइल चार्जिंग पर लगा रहा था। करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक किशन पूर्व सरपंच का बेटा था और खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं।
50 घरों के उपकरण जले, गांव में मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 50 घरों में टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे और अन्य बिजली उपकरण जल गए। कई लोगों को करंट लगने से झुलसने की शिकायत भी सामने आई। ग्रामीणों ने तुरंत लाइनमैन और बिजली ग्रिड पर फोन लगाए, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
“ग्रिड पर चल रही थी शराब और नॉनवेज पार्टी”
ग्रामीण शिव कुमार ने आरोप लगाया कि जब गांव के लोग बिजली सप्लाई बंद करवाने के लिए करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्रिड (GSS) पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। ग्रामीणों के मुताबिक ग्रिड पर कर्मचारी शराब और नॉनवेज पार्टी कर रहे थे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद कर्मचारी नशे में धुत थे और उन्होंने गांव वालों को वहां से भगा दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जबरदस्ती बिजली सप्लाई बंद करवाई, तब जाकर हालात काबू में आए।
पुलिस टीम पर भी लगे नशे में होने के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सबसे पहले कोरोई थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन टीम में शामिल एक एएसआई भी नशे की हालत में था। बाद में बागोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। इसके बाद कोरोई थाना पुलिस को वहां से वापस भेज दिया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
1 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने मृतक किशन लाल के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही गांव के बीच से गुजर रही 11केवी लाइन को हटाकर बाहर शिफ्ट करने की भी मांग उठाई गई।
काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन और प्रशासन के साथ बातचीत के बाद ग्रामीण धरने से हटे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया
बागोर थाना प्रभारी भंवर लाल ने बताया कि 11केवी लाइन में फॉल्ट आने से हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और कई घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए। उन्होंने बताया कि ग्रिड पर मौजूद दो कर्मचारियों को नशे की हालत में हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच जारी है।