भीलवाड़ा में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार से टकराया ऊंट, छत फोड़कर अंदर घुसा – ड्राइवर की मौके पर मौत, परिवार के चार सदस्य घायल
भीलवाड़ा के NH-148D पर शनिवार रात तेज रफ्तार कार आवारा ऊंट से टकराई, ऊंट छत फोड़कर अंदर घुस गया। ड्राइवर सलीम की मौके पर मौत, बिजनेसमैन नुकुंज चोपड़ा, पत्नी और दो बच्चे घायल। ऊंट को जेसीबी से निकाला। ग्रामीणों ने आवारा पशुओं पर रोकथाम की मांग की।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। शनिवार रात करीब 10 बजे NH-148D (भीलवाड़ा से ब्यावर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग) पर ब्राह्मणों की सरेरी कस्बे के पास एक तेज रफ्तार कार और आवारा ऊंट के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऊंट कार की छत को पूरी तरह तोड़ते हुए अंदर घुस गया, जिसके कारण कार में सवार ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का पूरा विवरण
ब्यावर निवासी बिजनेसमैन नुकुंज चोपड़ा अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ इंदौर दर्शन करके कार से लौट रहे थे। कार को ब्यावर निवासी सलीम (उम्र 40 वर्ष) चला रहा था। रात के समय हाईवे पर अंधेरा होने के कारण अचानक सड़क पर आ गया एक ऊंट कार के सामने आ गया। ड्राइवर सलीम के संभलने से पहले ही तेज रफ्तार में चल रही कार ऊंट से टकरा गई।
टक्कर की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि ऊंट कार की छत फोड़कर सीधे अंदर सीटों पर जा गिरा। इससे कार में बैठे ड्राइवर सलीम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। नुकुंज चोपड़ा, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे भी इस हादसे में बुरी तरह घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की स्पीड काफी तेज थी, जिस कारण ऊंट भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
ऊंट को जेसीबी से निकाला बाहर
हादसे के बाद ऊंट कार के अंदर फंस गया था। इसे बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई। ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से ऊंट को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। ऊंट की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
आसींद थाना प्रभारी श्रद्धा पंचौरी ने बताया कि मृतक ड्राइवर सलीम का शव आसींद अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय तक जाम लगा रहा, जिसे बाद में पुलिस और ग्रामीणों की मदद से साफ करवाया गया।
स्थानीय लोगों की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा पशुओं को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर अक्सर ऊंट, गाय-भैंस जैसे पशु आवारा घूमते रहते हैं, जिससे ऐसे हादसे होते रहते हैं। लोगों ने मांग की है कि फेंसिंग, साइन बोर्ड और नियमित गश्त जैसे ठोस उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से लोगों की जान बचाई जा सके।