भरतपुर: ज्वेलर पर फायरिंग के आरोपियों की निकाली पैदल परेड, घटना स्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया; व्यापारी भी रहे मौजूद
राजस्थान के भरतपुर जिले के रूपवास में ज्वेलर धीरज रघुवंशी पर फायरिंग करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आज आरोपियों को घटना स्थल पर पैदल ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट करवाया गया, जिसमें व्यापारी भी मौजूद रहे। 50 सीसीटीवी फुटेज की मदद से गुर्जर, सौरभ और चंद्रकेश उर्फ लुक्का को पकड़ा गया।
भरतपुर, 15 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले के रूपवास इलाके में एक ज्वेलर पर हुई फायरिंग की घटना ने स्थानीय व्यापारियों में दहशत पैदा कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात के तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आज शुक्रवार को इन आरोपियों को घटना स्थल तक पैदल परेड निकालकर ले जाया गया, जहां पुलिस ने क्राइम सीन को रीक्रिएट किया। इस दौरान व्यापारियों की भारी भीड़ मौजूद रही, जो घटना से आक्रोशित दिखाई दी। पीड़ित व्यापारी धीरज रघुवंशी भी मौके पर उपस्थित थे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दोहराया।
घटना का पूरा विवरण; घटना रूपवास थाना क्षेत्र के एक व्यस्त बाजार में 12 नवंबर को शाम करीब 7 बजे घटी। धीरज रघुवंशी नामक ज्वेलर अपनी दुकान पर सामान संभाल रहे थे, तभी तीन हथियारबंद बदमाशों ने दुकान पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने पहले तो धीरज को लूटने की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने विरोध किया तो बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। धीरज को गोली लगने से गंभीर चोटें आईं, लेकिन वे किसी तरह जान बचाने में सफल रहे। स्थानीय लोगों ने शोर मचाने पर बदमाश भाग निकले। धीरज को तुरंत भरतपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर है, लेकिन पूर्ण रूप से ठीक होने में अभी समय लगेगा।पुलिस ने बताया कि यह घटना लूटपाट के इरादे से की गई थी। आरोपियों ने धीरज के पास रखे नकदी और जेवरात लूटने की कोशिश की, लेकिन सफल न होने पर फायरिंग कर दी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था, और व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया था।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी; पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को मात्र 48 घंटों के अंदर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कुल 50 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण क्लिप्स में आरोपियों के चेहरे और बाइक नंबर साफ दिखाई दिए। इन फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपियों का सुराग लगा लिया।गिरफ्तार आरोपियों में दो भाई गुर्जर (21 वर्ष) और सौरभ (22 वर्ष), दोनों बागड़ कॉलोनी के निवासी हैं। तीसरा आरोपी चंद्रकेश उर्फ लुक्का (22 वर्ष) भी इसी कॉलोनी का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला कि गुर्जर और सौरभ भाई आसपास के इलाके में छोटे-मोटे अपराधों में संलिप्त रहे हैं, जबकि लुक्का उनके परिचित है। तीनों ने कबूल किया कि वे रूपवास के बाजार का रेकी ले रहे थे और लूटपाट के लिए मौका तलाश रहे थे।
क्राइम सीन रीक्रिएटेशन और पैदल परेड; आज दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने तीनों आरोपियों को रूपवास बाजार के घटना स्थल तक पैदल ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट करवाया। आरोपियों को हथकड़ी लगाकर और सिर झुकाए बाजार के मुख्य रास्ते से गुजारा गया, जिसे 'पैदल परेड' कहा जाता है। इस दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को दोहराया—कैसे बदमाशों ने दुकान में घुसकर लूटपाट की कोशिश की, फायरिंग कैसे की गई और कैसे वे भागे। पीड़ित धीरज रघुवंशी भी व्हीलचेयर पर मौजूद थे और उन्होंने आरोपियों की पहचान की पुष्टि की।बाजार में सैकड़ों व्यापारी इकट्ठा हो गए थे, जो नारेबाजी कर रहे थे। कुछ ने आरोपियों पर थूकने या पत्थर फेंकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया। एसपी राजन दुष्यंत ने बताया, "यह पैदल परेड इसलिए निकाली गई ताकि घटना का पूरा चित्रण हो सके और अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश किया जा सके। हम व्यापारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात कर रहे हैं।"
व्यापारियों का आक्रोश और मांगें; घटना के बाद से रूपवास के व्यापारी संगठन सक्रिय हो गया है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इलाके में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और रात्रि गश्त सख्त की जाए। एक व्यापारी ने कहा, "यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, पूरे व्यापार समुदाय पर है। हमें न्याय चाहिए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकनी होगी।" पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच चल रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
एसपी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, लूटपाट और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों को आज ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से केस वाटरटाइट है। साथ ही, जिले भर में अपराध रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।