भरतपुर में बीच बाजार सरकारी टीचर पर रेप का आरोप: लड़की ने साथी के साथ की पिटाई, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल का दावा

भरतपुर के कुम्हेर गेट चौराहे पर 22 साल की लड़की ने अपने साथी के साथ 50 वर्षीय सरकारी शिक्षक की बीच सड़क पर पिटाई कर दी। लड़की ने शिक्षक पर 3 साल से रेप और अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया। घटना का वीडियो वायरल हो गया, पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने लाया लेकिन अभी कोई लिखित शिकायत नहीं हुई।

Nov 21, 2025 - 17:19
भरतपुर में बीच बाजार सरकारी टीचर पर रेप का आरोप: लड़की ने साथी के साथ की पिटाई, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल का दावा

भरतपुर (राजस्थान), 21 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। कुम्हेर गेट चौराहे पर शुक्रवार दोपहर एक 22 वर्षीय युवती ने अपने साथी के साथ मिलकर एक 50 वर्षीय सरकारी स्कूल शिक्षक की जमकर पिटाई कर दी। युवती का आरोप है कि शिक्षक ने उसके साथ तीन साल से यौन शोषण किया और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था। घटना के दौरान सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई।

घटना का पूरा विवरण;    घटना कुम्हेर गेट चौराहे पर दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। युवती, जो स्थानीय निवासी है, अपने एक पुरुष मित्र के साथ बाजार में घूम रही थी। अचानक उसे सरकारी शिक्षक दिखा, जो पास ही खड़ा था। गुस्से से भरी युवती ने चिल्लाना शुरू कर दिया और शिक्षक पर रेप व ब्लैकमेल के आरोप लगाते हुए उसके ऊपर हमला बोल दिया। उसके साथी ने भी शिक्षक को पकड़ लिया और दोनों ने मिलकर उसकी जमकर धुनाई कर दी। आंखों देखी हालात के मुताबिक, युवती ने चौराहे पर ही चीखते हुए कहा, "ये तीन साल से मेरा शोषण कर रहा है। मेरे निजी फोटो और वीडियो बनाकर मुझे धमकाता था। अब बस, बहुत हो गया!" इस दौरान शिक्षक ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के बीच फंस गया। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने हंगामा देखा और जल्द ही सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। कुछ लोग वीडियो बनाते नजर आए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।शिक्षक, जो भरतपुर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाता है, ने घटना के दौरान ज्यादा विरोध नहीं किया। सूत्रों के अनुसार, वह सदमे में था और कुछ बोल ही नहीं पाया। पिटाई के दौरान उसे मामूली चोटें आईं, लेकिन गंभीर चोट न लगने से बच गया।

युवती का गंभीर आरोप: तीन साल का शोषण और ब्लैकमेल युवती ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शिक्षक से उसकी मुलाकात तीन साल पहले एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। शुरुआत में शिक्षक ने खुद को सहायक बताकर उसका विश्वास जीता, लेकिन धीरे-धीरे शोषण शुरू कर दिया। वह जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था और इन सबको रिकॉर्ड करके ब्लैकमेल करता। युवती ने कहा, "वह कहता था कि अगर मैंने किसी को बताया तो ये वीडियो सबके सामने फैला देगा। मैं डर के मारे चुप थी, लेकिन अब और नहीं सह सकती।"युवती के साथी ने भी पुलिस को बताया कि वह युवती की हालत देखकर गुस्से से भरा था। "जब मुझे पूरी कहानी पता चली, तो मैंने फैसला किया कि अब न्याय खुद ही दिलाएंगे। लेकिन अब कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।" युवती का परिवार भी सदमे में है। उसके परिजनों ने बताया कि उन्हें शोषण की पूरी जानकारी हाल ही में मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी। हालांकि, अभी तक युवती ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति;  कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। युवती, उसके साथी और शिक्षक को थाने ले आया गया। प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने आरोप दोहराए, लेकिन अभी तक किसी पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत नहीं दी। पुलिस ने मेडिकल जांच के लिए युवती को भेजा है और शिक्षक से भी बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। एसपी (पुलिस अधीक्षक) ने कहा, "मामला संवेदनशील है। हम पीड़िता के बयान को प्राथमिकता देंगे और अगर आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई करेंगे। ब्लैकमेल और रेप जैसे गंभीर अपराधों में जीरो टॉलरेंस है।" पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी निगरानी शुरू कर दी है, ताकि अफवाहें न फैलें।

सामाजिक प्रतिक्रिया और सवाल;  यह घटना भरतपुर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर बहस छेड़ रही है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ऐसे मामलों में तत्काल जांच हो और आरोपी को सजा मिले। एक कार्यकर्ता ने कहा, "शिक्षक जैसी सम्मानित पद पर बैठा व्यक्ति अगर ऐसा करता है, तो समाज का विश्वास कैसे बचेगा?" वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि दोनों पक्षों की पूरी कहानी सामने आने तक जल्दबाजी न करें।महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजस्थान सरकार की ओर से चलाई जा जा रही 'मिशन शक्ति' जैसी योजनाओं के बावजूद ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैकमेल जैसे मामलों में पीड़िताओं को मनोवैज्ञानिक सहायता और कानूनी जागरूकता की जरूरत है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.