भरतपुर में भीषण सड़क हादसा: कोहरे के बीच बस ट्रेलर से टकराई, मां-बेटे समेत 4 की मौत, 5 घायल
राजस्थान के भरतपुर जिले में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर घने कोहरे के कारण एक भीषण सड़क हादसा हुआ। कासगंज (उत्तर प्रदेश) से जयपुर जा रही स्लीपर बस सेवर पुल के पास सड़क पर खड़े खराब ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में मां-बेटे समेत 4 यात्रियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में गीता (38) और उनका 8 वर्षीय बेटा कान्हा (मथुरा निवासी), बस ड्राइवर मुक्खन सिंह और एक अन्य यात्री शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोहरे और ट्रेलर पर चेतावनी संकेतों की कमी को हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
राजस्थान के भरतपुर जिले में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। बुधवार देर रात करीब 2:30 बजे सेवर थाना क्षेत्र के सेवर पुल (या लुधावई पुलिया) के पास कासगंज (उत्तर प्रदेश) से जयपुर जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस ने सड़क पर खड़े एक खराब ट्रेलर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए, और बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस भीषण टक्कर में मां-बेटे समेत चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का कारण: घना कोहरा और सुरक्षा चेतावनी की कमी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय घना कोहरा छाया हुआ था, जिसके कारण बस चालक को सड़क पर खड़ा ट्रेलर नहीं दिख सका। ट्रेलर खराब होने के कारण बीच हाईवे पर खड़ा था, लेकिन उसके पीछे कोई बैरिकेड, रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। इससे दुर्घटना अपरिहार्य हो गई। एक प्रत्यक्षदर्शी राजेश ने बताया, "कोहरे की वजह से विजिबिलिटी बहुत कम थी। ट्रेलर बिना किसी साइन के खड़ा था, बस सीधे उसमें जा घुसी।"
मृतकों में शामिल मां-बेटे खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए जा रहे थे
हादसे में मृतकों में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के सतोवा गांव निवासी गीता (38 वर्ष) पत्नी रामवीर और उनके 8 वर्षीय बेटे कान्हा की मौत हो गई। रामवीर पेशे से भगवान की मूर्तियों के लिए कागज की पगड़ियां बनाते हैं और हर महीने खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए जाते हैं। इस बार वे अपनी पत्नी गीता और बेटे कान्हा को भी साथ लेकर गए थे, लेकिन दुर्भाग्य से परिवार का यह धार्मिक सफर त्रासदी में बदल गया। रामवीर खुद इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका इलाज चल रहा है।
अन्य मृतकों में शामिल हैं:
बस ड्राइवर मुक्खन सिंह (28 वर्ष), पुत्र खेम सिंह, निवासी कठूमर (अलवर, राजस्थान),मुस्लिम (40 वर्ष), पुत्र इस्माइल, निवासी कासगंज (उत्तर प्रदेश)
राहत-बचाव कार्य और पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही सेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मोबाइल की टॉर्च की मदद से अंधेरे में फंसे घायलों को तलाशा और उन्हें निकाला। सभी घायलों को तुरंत भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सेवर थाना के एसआई अवधेश ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। परिजनों को सूचित कर दिया गया है और उनके पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। हादसे के बाद गुरुवार सुबह क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हाईवे से हटाया गया और यातायात बहाल किया गया।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान घने कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेलर/ट्रक चालकों को खराब वाहन होने पर उचित चेतावनी संकेत लगाने चाहिए, और हाईवे पर फॉग लाइट्स या रिफ्लेक्टिव मार्किंग की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।