राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया दादागुरु इकतीसा पाठ एवं चादर महोत्सव का आधिकारिक पोस्टर विमोचन: एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन की शुरुआत
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 6-8 मार्च 2026 को जैसलमेर में आयोजित होने वाले त्रिदिवसीय दादागुरु इकतीसा पाठ एवं चादर महोत्सव के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया। यह ऐतिहासिक आयोजन दादागुरु श्री जिनदत्तसूरी की 871 वर्ष पुरानी पावन चादर के अभिषेक का है, जिसमें मुख्य आकर्षण 7 मार्च को विश्वभर में 1 करोड़ 8 लाख श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक दादागुरु इकतीसा पाठ होगा। सरसंघचालक मोहन भागवत उद्घाटन करेंगे, 400 संतों की उपस्थिति रहेगी। महोत्सव सांस्कृतिक एकात्मता, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक ऊर्जा का वैश्विक संदेश देगा।
जयपुर, 24 फरवरी 2026: राजस्थान की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले एक महत्वपूर्ण कदम में, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज मुख्यमंत्री आवास पर 6 से 8 मार्च 2026 को जैसलमेर में आयोजित होने वाले त्रिदिवसीय दादागुरु इकतीसा पाठ एवं चादर महोत्सव के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया। यह महोत्सव जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ परंपरा के प्रथम दादागुरु आचार्य श्री जिनदत्तसूरी (दादागुरु) की पावन चादर के ऐतिहासिक अभिषेक और सामूहिक आध्यात्मिक संकल्प का प्रतीक बनेगा, जो 871 वर्षों बाद जैसलमेर की पावन धरा पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राजस्थान की पावन भूमि सदियों से संत परंपरा, आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक एकात्मता की धरोहर रही है। उन्होंने इस आयोजन को सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय चेतना और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का माध्यम बताया। विशेष रूप से 1 करोड़ 8 लाख श्रद्धालुओं द्वारा विश्वभर में एक साथ दादागुरु इकतीसा पाठ के महासंकल्प को युगांतकारी आध्यात्मिक पहल करार देते हुए उन्होंने समाज के सभी वर्गों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण: 1 करोड़ 8 लाख का सामूहिक दादागुरु इकतीसा पाठ
यह त्रिदिवसीय चादर महोत्सव 6 से 8 मार्च 2026 तक जैसलमेर के मेला ग्राउंड स्टेडियम में आयोजित होगा। इसका प्रमुख आकर्षण 7 मार्च 2026 को निर्धारित समय पर विश्वभर के श्रद्धालुओं द्वारा एक साथ 1 करोड़ 8 लाख बार दादागुरु इकतीसा पाठ का ऐतिहासिक सामूहिक संचालन होगा। यह पाठ वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगा और गुरु भक्ति, सद्भाव तथा एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
महोत्सव गच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी की पावन निश्रा में आयोजित हो रहा है, जबकि इसकी प्रेरणा पूज्य आचार्य श्री जिनमनोज्ञ सागर जी से प्राप्त हुई है। चादर महोत्सव समिति के चेयरमैन महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और संयोजक जीतो के पूर्व चेयरमैन तेजराज गोलेछा हैं।
पोस्टर विमोचन समारोह में प्रमुख रूप से ज्योति कुमार कोठारी (राष्ट्रीय संयोजक, दर्शन कोठारी ट्रस्टी खरतर गच्छ संघ एवं संयुक्त सचिव राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स), शांतिलाल गोलेछा (अध्यक्ष तेरापंथी सभा), रणजीत हीरावत (सहमंत्री तेरापंथी सभा) और राजेश सिंघवी (मंत्री JITO राजस्थान) उपस्थित रहे।
शुभारंभ और संत-समागम: सरसंघचालक मोहन भागवत का उद्घाटन
महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक पूज्य मोहनराव भागवत द्वारा किया जाएगा। 6 मार्च को उनका मुख्य संबोधन जैसलमेर में होगा। आयोजन में विभिन्न भारतीय परंपराओं के लगभग 400 संतों की उपस्थिति और 15-20 हजार श्रद्धालुओं के सहभाग की संभावना है। संतों का आगमन आयोजन स्थल पर प्रारंभ हो चुका है।
राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी: सांस्कृतिक एकात्मता पर चर्चा
7-8 मार्च को “भारत की सांस्कृतिक एकात्मता, सामाजिक सद्भाव एवं समरसता में दादागुरु परंपरा का योगदान” विषय पर एक राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें जोधपुर विश्वविद्यालय, राजस्थान विश्वविद्यालय, प्राकृत भारती संस्थान तथा समाज एवं संस्कृति अध्ययन संस्थान सहित कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान नॉलेज पार्टनर के रूप में सहयोग करेंगे।
यह महाअभियान सनातन, हिंदू और जैन धर्म के समभाव को दर्शाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, विद्या भारती तथा अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का वैश्विक संदेश प्रसारित करेगा।