SMS मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर पर महिला फैकल्टी से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप! जांच रिपोर्ट सौंपी गई...
जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज (एसएमएस) में एक महिला फैकल्टी (संभवतः एसोसिएट प्रोफेसर) ने अपने ही विभाग के प्रोफेसर पर बदसलूकी और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। शिकायत पर प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने जांच कमेटी गठित की, जिसने रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। मामला प्रमुख शासन सचिव (मेडिकल विभाग) गायत्री राठौड़ तक पहुंच गया है। कॉलेज प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता बताई है।
जयपुर: राजस्थान के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज (एसएमएस) में एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज के एक विभाग में कार्यरत एक महिला फैकल्टी सदस्य (जो एसोसिएट प्रोफेसर स्तर की बताई जा रही हैं) ने अपने ही विभाग के प्रोफेसर पर बदसलूकी (misbehavior) और छेड़छाड़ (sexual harassment) का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना विभागीय स्तर पर हुई मानी जा रही है, जिससे पूरे कॉलेज परिसर में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत और जांच की शुरुआत
शिकायत मिलते ही कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने मामले को बहुत गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एक जांच कमेटी का गठन किया, जिसमें सीनियर फैकल्टी सदस्यों को शामिल किया गया। कमेटी की अध्यक्षता संभवतः सीनियर प्रोफेसर डॉ. एस.एम. शर्मा या समकक्ष अधिकारी ने की। जांच के दौरान दोनों पक्षों—शिकायतकर्ता महिला फैकल्टी और आरोपी प्रोफेसर—से विस्तृत बयान लिए गए। उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों की भी जांच की गई।
जांच कमेटी की रिपोर्ट
जांच कमेटी ने मामले की गहन समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की और इसे सोमवार को प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को सौंप दिया। प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जो भी निर्णय होगा, उसी के अनुसार उचित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।"
उच्च स्तर पर पहुंचा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट की जानकारी प्रमुख शासन सचिव (मेडिकल एंड हेल्थ विभाग) गायत्री राठौड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने भी इसकी पूरी रिपोर्ट तलब की है, जिससे मामला अब राज्य सरकार के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है। इससे साफ है कि प्रशासन इस मामले को हल्के में नहीं ले रहा।
प्रशासन का आधिकारिक रुख
प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने मीडिया को बताया कि एसएमएस मेडिकल कॉलेज में सभी फैकल्टी सदस्यों, कर्मचारियों और छात्राओं की सुरक्षा एवं सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी स्तर पर अनुचित व्यवहार या यौन उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें विभागीय जांच, सस्पेंशन या कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज राजस्थान का प्रमुख मेडिकल संस्थान है, जहां हजारों डॉक्टर, फैकल्टी, रेजिडेंट और छात्र कार्यरत हैं। पिछले कुछ वर्षों में यहां यौन उत्पीड़न या प्रताड़ना से जुड़े कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन इस बार आरोपी एक प्रोफेसर और शिकायतकर्ता भी फैकल्टी सदस्य होने से मामला और संवेदनशील हो गया है। अभी तक आरोपी प्रोफेसर का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, और जांच पूरी होने तक गोपनीयता बरती जा रही है।यह मामला न केवल कॉलेज प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि पूरे मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और POSH (Prevention of Sexual Harassment) नीतियों के सख्ती से पालन की जरूरत को रेखांकित करता है। प्रशासन ने जल्द ही रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लेने का वादा किया है।