आरोपों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की फिर सफाई: “जिन छात्रों का नाम लिया जा रहा, उनका गुरुकुल से कोई संबंध नहीं”

ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे बाल यौन शोषण के आरोपों पर फिर सफाई देते हुए कहा कि जिन छात्रों के आधार पर मामला बनाया गया है, उनका उनके गुरुकुल या आश्रम से कोई संबंध नहीं है। उनका दावा है कि संबंधित छात्र कभी गुरुकुल में पंजीकृत नहीं हुए और कोर्ट में पेश दस्तावेज भी किसी अन्य स्कूल से जुड़े होने की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने आरोपों को साजिश बताया और पुलिस जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही।

Feb 23, 2026 - 15:39
आरोपों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की फिर सफाई: “जिन छात्रों का नाम लिया जा रहा, उनका गुरुकुल से कोई संबंध नहीं”

वाराणसी में ज्योतिष पीठ से जुड़े संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे बाल यौन शोषण के आरोपों को लेकर एक बार फिर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के आधार पर पूरा मामला खड़ा किया गया है, वे कभी उनके गुरुकुल या आश्रम से जुड़े ही नहीं रहे। स्वामी का दावा है कि यह विवाद तथ्यों से ज्यादा भ्रम और साजिश पर आधारित है।

गुरुकुल से किसी प्रकार का संबंध होने से किया इनकार

स्वामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन बच्चों का नाम लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका उनके गुरुकुल में कभी पंजीकरण नहीं हुआ। उनके अनुसार न तो उन छात्रों ने प्रवेश लिया और न ही वहां पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि संस्थान के रिकॉर्ड में ऐसे किसी छात्र का विवरण मौजूद नहीं है, जिससे आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

कोर्ट में पेश दस्तावेजों पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि आरोप लगाने वाले पक्ष की ओर से अदालत में कुछ मार्कशीट प्रस्तुत की गई हैं। उनके अनुसार इन दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि संबंधित छात्र उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक विद्यालय में अध्ययनरत रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र उनके आश्रम या गुरुकुल से जुड़े ही नहीं, तो उनके खिलाफ आरोप किस आधार पर लगाए जा रहे हैं।

साजिश का लगाया आरोप

अपने बयान में उन्होंने इस पूरे मामले को सुनियोजित साजिश बताया। उनका कहना है कि धार्मिक और वैचारिक विरोध के कारण उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि समय आने पर जांच के जरिए सच्चाई सामने आ जाएगी और आरोप निराधार साबित होंगे।

पुलिस जांच में सहयोग का भरोसा

स्वामी ने यह भी कहा कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। यदि पुलिस जांच के लिए उनके आश्रम या संस्थान में आती है तो उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि वे कहीं जाने या जांच से बचने की कोशिश नहीं कर रहे और मामले का जल्द निष्पक्ष निष्कर्ष निकलना उनके हित में भी है।

जनता से अफवाहों से बचने की अपील

उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि वाली खबरों या अफवाहों पर विश्वास न करें और जांच पूरी होने तक धैर्य रखें। उनका कहना है कि सत्य सामने आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और पुलिस तथा न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही आरोपों और दावों की वास्तविकता तय होगी। वहीं, वाराणसी में इस प्रकरण को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं लगातार जारी हैं।