ओरण बचाओ पदयात्रा पहुंची जोधपुर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बोले— लोकतंत्र में एकजुट आवाज से होगा समाधान...

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने जोधपुर पहुंची ‘ओरण बचाओ पदयात्रा’ में शामिल होकर ओरण और गोचर भूमि संरक्षण के लिए लोगों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई मारवाड़ की विरासत और पर्यावरण बचाने की है तथा विधानसभा में इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा। तनोट माता मंदिर से शुरू हुई 725 किमी लंबी पदयात्रा जयपुर की ओर आगे बढ़ रही है।

Feb 23, 2026 - 14:58
Feb 23, 2026 - 15:01
ओरण बचाओ पदयात्रा पहुंची जोधपुर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बोले— लोकतंत्र में एकजुट आवाज से होगा समाधान...

जोधपुर (राजस्थान )23 फ़रवरी 2026 :- बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ओरण भूमि संरक्षण को लेकर निकाली जा रही ‘ओरण बचाओ पदयात्रा’ में जोधपुर पहुंचकर समर्थन दिया और लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष का तरीका बदल चुका है और लोकतंत्र में एकजुट होकर अपनी संख्या और समर्थन दिखाना ही सबसे बड़ा हथियार है।

जोधपुर के हनुमंत हॉस्टल में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक भाटी ने कहा कि ओरण और गोचर भूमि को बचाने का मुद्दा किसी एक व्यक्ति, जाति या धर्म का नहीं बल्कि पूरे मारवाड़ की पहचान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में आगे आकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।

शांतिपूर्ण आंदोलन पर जोर

भाटी ने कहा कि सरकार तक बात लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण माध्यम से पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधानसभा में इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा और जनभावनाओं को नजरअंदाज नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं, क्योंकि लोकतंत्र में सामूहिक समर्थन ही बदलाव की ताकत बनता है।

तनोट से शुरू हुई 725 किमी की पदयात्रा

यह पदयात्रा जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर से 21 जनवरी को शुरू हुई थी और रविवार रात जोधपुर पहुंची। सुमेर सिंह और भोपाल सिंह के नेतृत्व में निकली यह यात्रा जयपुर तक जाएगी, जिसमें लगभग 725 किलोमीटर की दूरी तय की जा रही है। यात्रा में 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 75 वर्ष तक के बुजुर्ग भी शामिल हैं। पदयात्रा का उद्देश्य ओरण भूमि को विकास परियोजनाओं के नाम पर प्रभावित होने से बचाने और पारंपरिक चारागाह एवं धार्मिक-पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित करना बताया जा रहा है।

ओरण संरक्षण को बताया सांस्कृतिक विरासत का सवाल

सभा में भाटी ने कहा कि ओरण और गोचर भूमि केवल जमीन नहीं बल्कि पूर्वजों की धरोहर और प्रकृति संरक्षण का आधार हैं। उन्होंने कहा कि पहले इन जमीनों की रक्षा के लिए लोगों ने बलिदान दिए, लेकिन आज जरूरत जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी की है। उन्होंने युवाओं से पदयात्रा में कुछ दूरी तक शामिल होकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील भी की।

जमीन आवंटन पर उठाया सवाल

विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ निजी कंपनियों को अनियमित तरीके से भूमि आवंटन किया गया था, जिसे विधानसभा में मुद्दा उठाने के बाद निरस्त करना पड़ा। उन्होंने इसे जनदबाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया।

जयपुर तक जारी रहेगी यात्रा

पदयात्रा अब जयपुर की ओर आगे बढ़ रही है। आयोजकों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य सरकार तक स्पष्ट संदेश पहुंचाना है कि ओरण और गोचर भूमि संरक्षण को लेकर स्थानीय समाज गंभीर है। यात्रा के दौरान विभिन्न शहरों और गांवों में लोगों से जुड़कर समर्थन जुटाया जा रहा है।

विधायक भाटी ने अंत में कहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी है ताकि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए स्थायी समाधान निकाला जा सके।