किचन में ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही मिनटों में 2 बेटियों संग जिंदा जल गई मां? जानिए पूरी खबर
मदर्स डे पर राजस्थान के ब्यावर से दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया… किचन में चाय बनाते वक्त अचानक ऐसा हुआ कि मां और उसकी दो मासूम बेटियां बाहर तक नहीं निकल सकीं
राजस्थान के ब्यावर जिले से मदर्स डे के दिन दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां एक घर में लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में एक मां और उसकी दो मासूम बेटियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि तीनों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल पाया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
चाय बनाते समय हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार यह घटना ब्यावर जिले की रेलड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत काणेचा उदावतान गांव की है। बताया जा रहा है कि 28 वर्षीय मनीषा रविवार सुबह घर के रसोईघर में चाय बनाने गई थीं। उसी दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव हो रहा था, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। जैसे ही मनीषा ने गैस जलाई, अचानक तेज धमाके के साथ आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे किचन को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मनीषा और उनकी दोनों बेटियां रसोईघर से बाहर नहीं निकल सकीं।
मां के साथ मासूम बेटियां भी जिंदा जलीं
हादसे में मनीषा के साथ उनकी 8 वर्षीय बेटी नविया और 5 वर्षीय बेटी पल्लवी की भी दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि तीनों बुरी तरह झुलस गईं। मौके पर पहुंचे लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर से उठती चीखों ने पूरे इलाके को दहला दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए।
दमकल ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही ब्यावर से दमकल की टीम मौके पर पहुंची। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक घर में रखा सामान जलकर पूरी तरह राख हो चुका था। दमकल प्रभारी ताराचंद भट्ट ने बताया कि आग बेहद तेजी से फैली थी, जिसके कारण रेस्क्यू करना मुश्किल हो गया। हादसे के बाद घर का दृश्य बेहद भयावह था।
पुलिस जांच में जुटी
सेंदड़ा थाना अधिकारी हरिराम जाट ने बताया कि शुरुआती जांच में गैस रिसाव के कारण आग लगने की बात सामने आई है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ब्यावर जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गैस सिलेंडर में तकनीकी खराबी थी या किसी अन्य वजह से रिसाव हुआ।
गांव में पसरा मातम
मदर्स डे के दिन हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। जिस घर में सुबह तक बच्चों की आवाजें गूंज रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोग घटना को याद कर भावुक हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं। परिवार के लोग बेसुध हैं और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।