बाड़मेर मंदिर चोरी मामले का खुलासा: उदयपुर से दो शातिर चोर गिरफ्तार, पाली और सिरोही के मंदिरों में भी वारदातें कबूली
बालोतरा जिले के समदड़ी स्थित नागाजी मंदिर से दानपेटी चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया। ऑपरेशन अश्ववेग के तहत उदयपुर के पहाड़ी इलाके से दो शातिर चोर हुसिया उर्फ हुंसाराम और बादाराम उर्फ नारायणराम को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने पाली के भाद्राजून और सिरोही के मंदिरों में भी चोरी करना कबूला। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
बालोतरा जिले के समदड़ी थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध नागाजी मंदिर से दानपेटी चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस की विशेष अभियान 'ऑपरेशन अश्ववेग' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को उदयपुर जिले के दुर्गम पहाड़ी इलाके से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी अंतर-जिला गिरोह का हिस्सा बताए जा रहे हैं, जिन्होंने न केवल बाड़मेर बल्कि पाली और सिरोही जिलों के मंदिरों को भी निशाना बनाया है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है और चोरी गए माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
वारदात कैसे हुई? घटना 29 दिसंबर की है। खंडप गांव में स्थित भगवान नागाजी का मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सुबह दर्शन करने पहुंचे पुजारी उमाकांत गिरी को मुख्य दानपेटी गायब मिली। उन्होंने तुरंत गांव वालों और मौजिज लोगों को सूचना दी तथा रात की गश्त पर तैनात पुलिसकर्मी मांगुसिंह को घटना की जानकारी दी।सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आसपास तलाश करने पर भवरानी मार्ग स्थित ओरण क्षेत्र में पानी की टंकी के बूस्टर के पास टूटी हुई दानपेटी मिली, जो पूरी तरह खाली थी। इससे स्पष्ट हो गया कि चोरों ने दानपेटी को तोड़कर उसमें जमा नकदी चुरा ली और बॉक्स को दूर फेंक दिया।प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से तीन संदिग्ध युवक नजर आए। ये युवक कपड़े से चेहरे ढके हुए थे और पेंट-शर्ट पहने भवरानी मार्ग की ओर जाते दिखे। मंदिर की इस चोरी से क्षेत्र में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त हो गया, क्योंकि नागाजी मंदिर स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी समदड़ी थानाधिकारी नरपतदान के नेतृत्व में थाना स्तर पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी जांच (मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी एनालिसिस) और पारंपरिक पुलिसिंग (मुखबिरों की मदद) के जरिए सुराग जुटाए। प्रयासों से संदिग्धों की पहचान हुसिया उर्फ हुंसाराम और बादाराम उर्फ नारायणराम के रूप में हुई।इन दोनों को उदयपुर जिले के बेकरिया नामक दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र से दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दोनों ने समदड़ी के नागाजी मंदिर से दानपेटी चोरी की वारदात को कबूल कर लिया।
अन्य जिलों में भी वारदातें कबूली पूछताछ में आरोपी टूट गए और उन्होंने पाली जिले के भाद्राजून तथा सिरोही जिले के विभिन्न मंदिरों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस को शक है कि ये आरोपी एक बड़े अंतर-जिला गिरोह का हिस्सा हैं, जो राजस्थान के विभिन्न जिलों में मंदिरों को लक्ष्य बनाकर चोरियां कर रहे हैं। इनसे और भी कई चोरी के मामलों के खुलासे की उम्मीद है।वर्तमान में पुलिस चोरी गई नकदी और अन्य माल की बरामदगी के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में जुटी हुई है। आरोपी शातिर किस्म के बताए जा रहे हैं, जो वारदात के बाद दूरदराज के इलाकों में छिप जाते थे।
क्षेत्र में बढ़ती मंदिर चोरियों पर चिंता यह घटना राजस्थान में मंदिरों को निशाना बनाने वाली चोरियों की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिर अक्सर एकांत में होने के कारण चोरों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं। पुलिस की इस सफलता से श्रद्धालुओं में राहत है, लेकिन वे मांग कर रहे हैं कि मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई जाए और सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की जाएं।