बाड़मेर में SDM ने नर्मदा नहर से पानी चोरी पकड़ी: अंतिम छोर के किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए सख्त कार्रवाई

बाड़मेर के सेड़वा क्षेत्र में SDM विश्नोई ने नर्मदा नहर से अवैध पाइपलाइन लगाकर पानी चोरी करने वालों को रंगे हाथों पकड़ा। उन्होंने चोरी करने वाले किसानों को समझाइश दी कि बीच में पानी चोरी करने से अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचता और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। पिछले तीन महीनों से उनके प्रयासों से टेल एंड किसानों को नियमित पानी मिल रहा है।

Dec 28, 2025 - 11:39
बाड़मेर में SDM ने नर्मदा नहर से पानी चोरी पकड़ी: अंतिम छोर के किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए सख्त कार्रवाई

बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में नर्मदा नहर से पानी की अवैध चोरी की बढ़ती शिकायतों के बीच उपखंड अधिकारी (SDM) ने सक्रियता दिखाते हुए रविवार को पनोरिया और बाखासर इलाकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य वितरिका से अवैध पाइपलाइन लगाकर पानी चोरी करते हुए तीन अलग-अलग स्थानों पर लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। SDM ने मौके पर पहुंचकर चोरी करने वालों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें समझाइश दी कि बीच रास्ते में पानी चोरी करने से अंतिम छोर पर स्थित किसानों तक पानी नहीं पहुंच पाता।SDM विश्नोई ने किसानों से स्पष्ट शब्दों में कहा, "पानी की चोरी करने से सरकार को तो नुकसान होता ही है, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान अंतिम छोर पर बैठे उस किसान का होता है, जो भी तो किसान ही है। आप लोग बीच में पानी चोरी करोगे तो उसे पानी कैसे मिलेगा? पानी चोरी करना कानूनन अपराध है। नर्मदा नहर में जो अवैध पाइप आपने लगाए हैं, उन्हें तुरंत हटाओ और चोरी बंद करो। अन्यथा नर्मदा नहर परियोजना के अधिकारियों से कहकर आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।"

नर्मदा नहर की महत्वपूर्ण भूमिका और चोरी का प्रभाव नर्मदा नहर परियोजना राजस्थान के सूखाग्रस्त इलाकों, खासकर बाड़मेर और जालोर जिलों के लिए जीवनरेखा की तरह है। यह नहर गुजरात के सरदार सरोवर बांध से पानी लाकर राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराती है। पनोरिया पंपिंग हेड से लगभग 65 किलोमीटर दूर इंडो-पाक सीमा से सटे गांव बाखासर माइनर और बावरवाला पनोरिया टेल तक रबी सीजन की फसलों (जैसे गेहूं, जीरा आदि) की सिंचाई के लिए पानी सप्लाई किया जाता है।हालांकि, बीच के इलाकों में अवैध पाइपलाइन या अन्य तरीकों से पानी चोरी होने के कारण टेल एंड (अंतिम छोर) पर स्थित किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। इससे उनकी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं, जबकि चोरी करने वाले किसान अपनी फसलों को भरपूर सिंचाई देकर लाभ कमाते हैं। यह असमानता न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि सामाजिक तनाव भी पैदा करती है।

SDM की पहले से चल रही पहल SDM विश्नोई इस समस्या से अच्छी तरह वाकिफ हैं। अंतिम छोर के किसानों को पर्याप्त पानी सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने पिछले तीन महीनों से लगातार प्रयास किए हैं। अब से करीब तीन महीने पहले इन किसानों को नियमित पानी मिलना शुरू हुआ है। इसके लिए:13 अक्टूबर को SDM ने नर्मदा नहर परियोजना के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर टेल एंड किसानों की समस्याओं से अवगत कराया।10 दिसंबर को पनोरिया पंपिंग हेड का व्यक्तिगत निरीक्षण किया और पानी आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया।नर्मदा नहर अधिकारियों के साथ मीटिंग आयोजित की, जिसमें पानी चोरी रोकने के लिए पनोरिया वितरिका पर लगातार पेट्रोलिंग बढ़ाने, चौकसी कड़ी करने और डिग्गी अध्यक्षों का सहयोग लेने के सख्त निर्देश दिए गए।इन प्रयासों का नतीजा है कि पिछले तीन महीनों से टेल के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है, लेकिन चोरी की घटनाएं अभी भी चुनौती बनी हुई हैं।

आगे की कार्रवाई और संदेश SDM ने अवैध पाइपलाइनों को तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। चेतावनी दी है कि यदि चोरी जारी रही तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मुकदमा दर्ज करना शामिल है। यह घटना राजस्थान के सूखे इलाकों में पानी की कीमत और उसकी समान वितरण की जरूरत को रेखांकित करती है। नर्मदा नहर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स से मिलने वाले पानी का दुरुपयोग न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के उन किसानों के साथ अन्याय है जो पानी के लिए सबसे ज्यादा संघर्ष करते हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.