बाड़मेर: ड्रग्स के साथ दो युवकों को पुलिस ने दबोचा, 19.58 ग्राम स्मैक और बाइक जब्त
बाड़मेर जिले की सेड़वा पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए बाइक सवार दो युवकों को पकड़ा। उनके पास से 19.58 ग्राम स्मैक बरामद हुई और बाइक जब्त कर ली गई। दोनों आरोपियों से ड्रग सप्लाई चेन व बड़े नेटवर्क की पूछताछ जारी है।
बाड़मेर (सेड़वा), 8 दिसंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस की सतर्कता ने एक बार फिर रंग दिखाया है। सेड़वा थाना पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया, जिनके कब्जे से 19.58 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई। इसके अलावा, घटना में प्रयुक्त बाइक को भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी युवक ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के धंधे में लिप्त होने के शक में पकड़े गए हैं, और पुलिस अब उनके सप्लायर नेटवर्क और बड़े गिरोह से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए सख्ती से पूछताछ कर रही है। यह कार्रवाई जिले में बढ़ते नशे के कारोबार को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
घटना का पूरा विवरण: सूचना पर कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, सेड़वा थाना पुलिस को रविवार दोपहर करीब 3 बजे एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया था कि केकड़ी गांव के आसपास दो युवक बाइक पर सवार होकर नशीले पदार्थों की सप्लाई करने की फिराक में घूम रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष ने तुरंत एक टीम का गठन किया, जिसमें हेड कांस्टेबल रामलाल, कांस्टेबल ओम सिंह और अन्य जवान शामिल थे। टीम ने फौरन केकड़ी गांव के पास नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहनों पर नजर रखनी शुरू कर दी।कुछ ही देर बाद, एक बाइक पर सवार दो युवक दिखाई दिए, जो तेज रफ्तार से गांव की ओर आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, लेकिन युवकों ने भागने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने बाइक को घेर लिया और दोनों को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने अपना नाम-पता बताते हुए ड्रग्स के साथ पकड़े जाने की बात कबूल कर ली।
आरोपी युवकों की पहचान और बैकग्राउंड पकड़े गए दोनों युवकों की पहचान बजरंग लाल पुत्र अणदाराम (उम्र लगभग 21 वर्ष) और ओमप्रकाश पुत्र किशना राम (उम्र लगभग 22 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों ही विष्णु नगर, सोनड़ी (बाड़मेर जिले के एक छोटे से इलाके) के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये युवक स्थानीय स्तर पर स्मैक की छोटी-मोटी सप्लाई करते थे। बजरंग लाल मजदूरी का काम करता है, जबकि ओमप्रकाश एक छोटे से दुकान पर कामगार है। पुलिस को शक है कि दोनों बड़े ड्रग माफिया के इशारे पर काम कर रहे थे, क्योंकि उनके पास मिली मात्रा आमतौर पर खुद के इस्तेमाल के लिए नहीं होती।
बरामद सामान और कानूनी कार्रवाई गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दोनों के पास से 19.58 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली स्मैक बरामद की, जो एक छोटे प्लास्टिक के पैकेट में छिपाकर रखी गई थी। इसके अलावा, घटना में इस्तेमाल की गई बाइक को भी जब्त कर लिया गया। सारी बरामद वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि इसकी शुद्धता और मूल्य का आकलन किया जा सके।आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस एक्ट) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सेड़वा थाने में केस नंबर 245/2025 दर्ज किया गया। वर्तमान में दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और अगले 48 घंटों के अंदर रिमांड पर लेने की योजना है।
चल रही पूछताछ: सप्लाई चेन का पर्दाफाश पुलिस अब आरोपी युवकों से ड्रग्स के सप्लायर, ऊपरी स्तर के नेटवर्क और ग्राहकों की जानकारी निकालने पर जुटी हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में बजरंग लाल ने कबूल किया है कि स्मैक जोधपुर से लाई जाती थी, लेकिन ओमप्रकाश अभी चुप्पी साधे हुए है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह बाड़मेर के कई गांवों में सक्रिय है, और इस गिरफ्तारी से बड़े खुलासे हो सकते हैं। सेड़वा थानाध्यक्ष ने बताया, "हमारी प्राथमिकता नशे के स्रोत को जड़ से उखाड़ना है। युवाओं को इस जाल से बचाने के लिए अभियान तेज किया जाएगा।"