30 हजार फीट की ऊंचाई पर प्लेन में मौत का खौफ: नशे में तीन युवकों ने मचाया हंगामा, राजस्थान कैडर के IPS पंकज चौधरी ने संभाली कमान

8 मार्च 2026 को गुवाहाटी-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट (6E-6367) में 30-35 हजार फीट की ऊंचाई पर तीन नशे में युवकों ने "प्लेन क्रैश होने वाला है" चिल्लाकर पूरे केबिन में दहशत फैला दी। बच्चे-महिलाएं रोने लगे। राजस्थान कैडर के IPS अधिकारी पंकज चौधरी ने तुरंत हस्तक्षेप कर युवकों को कंट्रोल किया और लैंडिंग के बाद CISF को सौंप दिया। इंडिगो ने माफी मांगी और जांच शुरू कर दी।

Mar 25, 2026 - 11:00
30 हजार फीट की ऊंचाई पर प्लेन में मौत का खौफ: नशे में तीन युवकों ने मचाया हंगामा, राजस्थान कैडर के IPS पंकज चौधरी ने संभाली कमान

गुवाहाटी से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट (6E-6367) में 8 मार्च 2026 की रात एक ऐसा हंगामा हुआ, जो किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। 30-35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमान में तीन युवक नशे में चीखने-चिल्लाने लगे — “प्लेन क्रैश होने वाला है!” उनकी इस हरकत से पूरे केबिन में दहशत फैल गई। बच्चे और महिलाएं डर के मारे रोने लगीं, यात्रियों की सांसें अटक गईं। जब क्रू मेंबर्स ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो युवकों ने उनके साथ भी अभद्रता की।

इसी फ्लाइट में राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी भी सफर कर रहे थे। उन्होंने स्थिति को तुरंत संभाला, युवकों को कड़े शब्दों में डांटा, अपना परिचय दिया और उन्हें शांत कराया। लैंडिंग के बाद CISF को बुलाकर तीनों को हवाले कर दिया। घटना के बाद इंडिगो एयरलाइंस ने भी माफी मांगी और क्रू के रिस्पॉन्स की जांच शुरू कर दी।

पूरी घटना क्या थी?

8 मार्च 2026 को रात करीब 8:30 बजे गुवाहाटी से दिल्ली के लिए इंडिगो की फ्लाइट उड़ी। फ्लाइट टेकऑफ के बाद सब शांतिपूर्वक बैठे थे। भारत-न्यूजीलैंड क्रिकेट मैच का माहौल था और लोग आराम से यात्रा कर रहे थे। अचानक फ्लाइट 30-35 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचते ही तीन युवक (उम्र 25-30 साल) अचानक शोर मचाने लगे।

वे चिल्ला रहे थे — “फ्लाइट क्रैश होने वाली है!” उनका व्यवहार एकदम बदल गया था। महिला क्रू मेंबर्स दौड़कर पहुंचीं और बार-बार समझाने की कोशिश की, लेकिन युवक नहीं माने। उन्होंने क्रू मेंबर्स के साथ अभद्रता भी की। हंगामा लगातार 15-20 मिनट तक चलता रहा। इससे आसपास बैठे बच्चे और महिलाएं बुरी तरह डर गए। कई यात्रियों को लगने लगा कि अगले ढाई घंटे का सफर पैनिक में ही बीतेगा।

पंकज चौधरी ने बताया, “मैं पिछले 15-20 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूं, लेकिन ऐसी घटना कभी नहीं देखी। क्रू मेंबर्स सख्ती से हैंडल नहीं कर रहे थे। मुझे लगा कि अगर कुछ नहीं किया गया तो स्थिति और बिगड़ जाएगी।” उन्होंने क्रू को एसओपी फॉलो करने की याद दिलाई और खुद युवकों के पास पहुंचे।

आईपीएस अधिकारी ने कड़े शब्दों में युवकों को डांटा और कहा, “जो आप कर रहे हैं, उससे पूरे प्लेन में बैठे लोग डर गए हैं। यह कानून के खिलाफ है।” अपना परिचय देने के बाद उन्होंने उन्हें चुप कराया और उनके पास बैठकर स्थिति नियंत्रित की। युवक शांत हो गए।

लैंडिंग के बाद क्या हुआ?

फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर लैंड हुई। पंकज चौधरी ने तुरंत CISF की QRT टीम को बुलाया। तीनों युवकों को फ्लाइट से उतरते ही डिटेन कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि तीनों ने शराब पी रखी थी। एक युवक योगा टीचर था। वे घुटनों पर गिरकर माफी मांगने लगे। एक ने अपनी मां से वीडियो कॉल कराई, तो मां ने कहा — “बेटे ने शराब पी ली होगी, माफ कर दीजिए, आगे से नहीं करेगा।”CISF ने युवकों से औपचारिक माफी मंगवाई और घटना को दर्ज किया।

क्रू की भूमिका और इंडिगो का रिएक्शन

पंकज चौधरी ने क्रू मेंबर्स के रिस्पॉन्स पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्रू को ऐसे उपद्रवियों को सख्ती से हैंडल करना चाहिए था, लेकिन वे पर्याप्त कदम नहीं उठा पाए। घटना के बाद उन्होंने इंडिगो अधिकारियों से संपर्क किया। इंडिगो की अधिकारी निर्मिता भट्टाचार्य ने मेल भेजकर माफी मांगी और कहा:

“8 मार्च 2026 को गुवाहाटी-दिल्ली फ्लाइट 6E-6367 में आपको और अन्य यात्रियों को जो अनुभव हुआ, उसके लिए हमें सच में अफसोस है। ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंजूर नहीं है। आपके फीडबैक को गंभीरता से लिया गया है। हम क्रू के रिस्पॉन्स, ग्राउंड और इन-फ्लाइट टीम के कम्युनिकेशन की पूरी जांच कर रहे हैं। खराब व्यवहार करने वाले पैसेंजर को DGCA नियमों के अनुसार हैंडल किया जाएगा।”इंडिगो ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है और सेफ्टी-सिक्योरिटी डिवीजन को मामले की समीक्षा सौंपी गई है।

IPS ने क्या कहा?

पंकज चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह थी कि आसपास बैठे 20-25 यात्री चुपचाप सब सहते रहे। किसी ने विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा, “आज के दौर में लोग पचड़े में फंसना नहीं चाहते। मैं आईपीएस हूं, इसलिए मैंने भूमिका निभाई, लेकिन कॉमन मैन भी ऐसी स्थिति में साहस दिखा सकता है।”यह घटना महिला दिवस के दिन हुई, जब फ्लाइट में महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा डरे। आईपीएस अधिकारी की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाला और यात्रियों को राहत दी।

निष्कर्ष: हवाई यात्रा में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। नशे में यात्रा करना और दूसरों की जान को खतरे में डालना गंभीर अपराध है। पंकज चौधरी जैसे अधिकारियों की मौजूदगी ने साबित किया कि फर्ज कभी ऑफ ड्यूटी नहीं होता। उम्मीद है कि इंडिगो और DGCA ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेंगे ताकि भविष्य में कोई यात्री इस तरह का आतंक न झेल सके।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.