कंटेनर-बोलेरो की भीषण टक्कर में चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत: बोलेरो के परखच्चे उड़ गए, आधे घंटे तक गाड़ी में फंसे रहे चिल्लाते

बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के कालाखूंटा गांव के पास मंगलवार रात सीमेंट भरे कंटेनर और बोलेरो की आमने-सामने भीषण टक्कर में मांडली छोटी गांव के बसु (30) और उनके भतीजे कन्हैयालाल (25) की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों आधे घंटे तक गाड़ी में फंसे चीखते रहे, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बसु सूरत से होली मनाने घर आए थे और वापस लौटने वाले थे, जबकि कन्हैयालाल डंपर पर खलासी था। पूरे गांव में मातम छा गया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
March 25, 2026 • 12:41 PM  15
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कंटेनर-बोलेरो की भीषण टक्कर में चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत: बोलेरो के परखच्चे उड़ गए, आधे घंटे तक गाड़ी में फंसे रहे चिल्लाते
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कंटेनर-बोलेरो की भीषण टक्कर में चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत: बोलेरो के परखच्चे उड़ गए, आधे घंटे तक गाड़ी में फंसे रहे चिल्लाते

बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक भयानक सड़क हादसा हो गया। सीमेंट से लदे भारी कंटेनर और बोलेरो की आमने-सामने जोरदार टक्कर में बोलेरो सवार चाचा-भतीजे की मौके पर मौत हो गई। हादसा इतना विकराल था कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और दोनों व्यक्ति गाड़ी के मलबे में बुरी तरह फंस गए। मदद के लिए करीब आधे घंटे तक चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन उन्हें निकालने में काफी देर लग गई।

हादसा कब और कहां हुआ?

घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के कालाखूंटा गांव के पास हुई। जालोर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार सीमेंट भरे कंटेनर ने बोलेरो को सीधे टक्कर मार दी। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बोलेरो के आगे का हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।

पीड़ित कौन थे?

मृतक बसु (30 वर्ष) मांडली छोटी गांव (सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र) के रहने वाले थे। वे अपने भतीजे कन्हैयालाल (25 वर्ष) के साथ बोलेरो की सर्विस करवाने बांसवाड़ा शहर गए थे। सर्विस के बाद रात में दोनों अपने गांव लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि हादसे के बाद दोनों व्यक्ति बोलेरो में बुरी तरह फंस गए थे। आसपास के लोगों ने उनकी चीख-पुकार सुनी, लेकिन गाड़ी के मलबे से उन्हें निकालने में करीब आधे घंटे की मशक्कत लग गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल ले जाने के लिए रवाना किया, लेकिन रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार की दर्दनाक कहानी

बसु सूरत (गुजरात) में कारीगर का काम करते थे। होली के त्योहार मनाने वे घर आए हुए थे। हादसे वाले दिन यानी 25 मार्च को उन्हें वापस सूरत लौटकर काम पर जाना था, लेकिन इससे पहले ही यह त्रासदी हो गई। बसु अपने पीछे तीन बेटियां और एक छोटा बेटा छोड़ गए हैं।वहीं उनका भतीजा कन्हैयालाल अविवाहित था और स्थानीय स्तर पर डंपर पर खलासी का काम करता था। चाचा-भतीजे एक साथ इस हादसे में चले गए, जिससे पूरे मांडली छोटी गांव में मातम का माहौल छा गया है। परिवार और गांव वाले सदमे में हैं।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। कंटेनर चालक की भूमिका और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश की जरूरत को रेखांकित करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही अक्सर ऐसी दुर्घटनाओं का कारण बनती है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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