दिन दहाड़े युवक पर जानलेवा हमला: 18 माह से फरार 25 हजार के इनामी आरोपी पृथ्वीसिंह गिरफ्तार
बाड़मेर के सिवाना में 18 माह से फरार 25 हजार के ईनामी आरोपी पृथ्वीसिंह को दिन दहाड़े युवक पर तलवार से हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया।
बाड़मेर/सिवाना, 14 नवंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज अपराध के लंबे समय से फरार आरोपी को धर दबोचा है। दिन दहाड़े एक युवक पर तलवार से जानलेवा हमला करने वाले मुख्य आरोपी पृथ्वीसिंह को सिवाना पुलिस की विशेष टीम ने 18 महीनों की कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जो अब उसके सरेंडर या गिरफ्तारी पर दावा किया जा सकेगा। यह गिरफ्तारी न केवल पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की उम्मीद जगाती है, बल्कि अपराधियों के बीच पुलिस की सख्ती का संदेश भी देती है।
घटना का पूरा विवरण: एक मामूली विवाद से जान का लेन-देन घटना मार्च 2024 की है, जब सिवाना क्षेत्र के सड़क मार्ग पर एक मामूली ट्रैफिक विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। पीड़ित युवक, जो एक स्थानीय व्यवसायी हैं, अपनी कार से सिवाना बाजार की ओर जा रहे थे। तभी एक बाइक सवार व्यक्ति ने अचानक उनकी कार को ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे हल्की सी टक्कर हो गई। इस पर आरोपी पृथ्वीसिंह, जो बाइक पर सवार था, गुस्से से भड़क गया। वह कार के पास रुक गया और चालक को गालियां देते हुए नीचे उतर आया।चालक ने शांतिपूर्वक माफी मांगने की कोशिश की, लेकिन पृथ्वीसिंह ने उसकी एक न सुनी। वह चालक के साथ हाथापाई करने लगा। इसी बीच, पृथ्वीसिंह की गाड़ी से एक अन्य साथी उतरा, जो तलवार से लैस था। आरोपी ने तलवार लहराते हुए चालक पर कई वार किए, जिसमें से एक वार सीधे सिर पर लगा। चीख-पुकार मचने पर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित युवक को गंभीर चोटें आईं, जिसमें सिर पर गहरा घाव और हाथ पर चीरे की मार्क्स शामिल थे। उन्हें तुरंत सिवाना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रेफर कर दिया।पीड़ित की शिकायत पर सिवाना थाने में हत्या के प्रयास (IPC धारा 307), मारपीट (धारा 323), आपराधिक धमकी (धारा 506) और अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा था, जिसमें पृथ्वीसिंह का पीड़ित से पहले भी झगड़ा हो चुका था। घटना के वक्त सड़क पर कई लोग मौजूद थे, और सीसीटीवी फुटेज से भी आरोपी की पहचान आसानी से हो गई।
18 महीनों की फरारगी: पुलिस की कड़ी तलाश अपराध के तुरंत बाद पृथ्वीसिंह फरार हो गया। वह सिवाना क्षेत्र से बाहर जाकर जोधपुर, जालौर और यहां तक कि गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में छिपा रहा। पुलिस को मुखबिरों से जानकारी मिली कि वह रिश्तेदारों के घरों में डेरा डाले घूम रहा था। सिवाना एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया, जिससे तलाश में तेजी आई।सिवाना पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया, जिसमें स्थानीय थाना प्रभारी, डीएसपी और साइबर सेल के अधिकारी शामिल थे। टीम ने 15 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग का सहारा लिया और आरोपी के साथियों से पूछताछ की। आखिरकार, 13 नवंबर 2025 की रात को मुखबिर की गुप्त सूचना पर टीम ने सिवाना के बाहरी इलाके में दबिश दी। पृथ्वीसिंह को एक परित्यक्त मकान से हिरासत में लिया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई, लेकिन हथियार नहीं मिला। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि वह डर के मारे फरार था।
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई: कोर्ट में पेश, अन्य फरारियों पर नजर गिरफ्तारी के बाद पृथ्वीसिंह को 14 नवंबर को बाड़मेर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरास्यत में भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है, जिन पर भी 10-10 हजार का इनाम घोषित है। एसपी नरेंद्र सिंह ने बताया, "यह गिरफ्तारी हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अपराधी कितना भी लंबा समय फरार क्यों न रहे, कानून का दायरा उन्हें छू ही लेता है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।"