बाड़मेर में घर से 87 किलो डोडा-पोस्त की बड़ी जब्ती: एक आरोपी गिरफ्तार, सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
बाड़मेर जिले के गोरसियों का तला गंगासरा गांव में पुलिस ने आरोपी सताराम के घर से लगभग 87 किलो (86 किलो 730 ग्राम) अवैध डोडा पोस्त बरामद कर जब्त किया। सदर पुलिस और डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। "नशा मुक्त बाड़मेर" अभियान के तहत चल रही इस बड़ी बरामदगी में पुलिस अब सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें और लोगों की संलिप्तता उजागर होने की संभावना है।
बाड़मेर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की ओर से लगातार की जा रही सख्त कार्रवाइयों के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने एक घर पर छापेमारी कर करीब 87 किलो अवैध डोडा-पोस्त बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क को उजागर करने के लिए गहन पूछताछ कर रही है। यह बरामदगी जिले में हाल के समय की सबसे बड़ी डोडा-पोस्त जब्ती में से एक मानी जा रही है।
घटना का विवरण
बाड़मेर सदर पुलिस थाना और डीएसटी (ड्रग्स एंड स्मगलिंग टीम) की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव गोरसियों का तला गंगासरा में एक घर पर बड़ी मात्रा में अवैध डोडा-पोस्त संग्रहित किया गया है। सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी सताराम पुत्र राउराम के घर पर दबिश दी।
घर की तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के कब्जे से 86 किलो 730 ग्राम (लगभग 87 किलो) अवैध डोडा-पोस्त बरामद हुआ। मौके पर ही आरोपी सताराम को हिरासत में ले लिया गया और जब्त मादक पदार्थ को कब्जे में कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
नशा मुक्त बाड़मेर अभियान के तहत कार्रवाई
कार्यवाहक एसपी नितेश आर्य ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देश पर जिले में "नशा मुक्त बाड़मेर" अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने, सप्लाई चेन को तोड़ने और वांटेड आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
यह कार्रवाई डीएसपी रमेश कुमार के सुपरविजन में की गई। इसमें सदर थाना इंचार्ज ओमप्रकाश की टीम और डीएसटी प्रभारी आदेश कुमार की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों टीमों के बेहतरीन समन्वय से यह सफलता मिली।
आगे की जांच
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी सताराम से गहन पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में डोडा-पोस्त कहां से आया, इसे किस-किस को सप्लाई किया जाना था और पूरा तस्करी नेटवर्क कैसे काम कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि इस मामले में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है।