बाड़मेर के खेत में तीन दिनों से जारी क्रूड ऑयल का रिसाव: 50 से ज्यादा टैंकर भरे, लीकेज पॉइंट अभी अज्ञात; किसान हरजीराम खोथ ने मांगा मुआवजा

बाड़मेर जिले के कवास क्षेत्र में ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के वेलपैड-8 के पास किसान हरजीराम खोथ के खेत में 23 फरवरी से क्रूड ऑयल का रिसाव जारी है। तीन दिनों में 50 से ज्यादा टैंकर भरे जा चुके हैं, लेकिन लीकेज पॉइंट अभी अज्ञात है। कंपनी ने सप्लाई बंद की है और जांच कर रही है। किसान का एक बीघा खेत बर्बाद हो गया, फसल नष्ट हुई, इसलिए उन्होंने कंपनी से मुआवजे की मांग की है।

Feb 26, 2026 - 11:12
बाड़मेर के खेत में तीन दिनों से जारी क्रूड ऑयल का रिसाव: 50 से ज्यादा टैंकर भरे, लीकेज पॉइंट अभी अज्ञात; किसान हरजीराम खोथ ने मांगा मुआवजा

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक चौंकाने वाली घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। कवास क्षेत्र के काउखेड़ा गांव में ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के वेलपैड नंबर-8 के निकट स्थित किसान हरजीराम खोथ के खेत में 23 फरवरी से क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) का रिसाव जारी है। यह रिसाव अब तीसरे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे खेत में तेल का तालाब-सा बन गया है और किसान की मेहनत पर पानी फिर गया है।

घटना कैसे शुरू हुई?

23 फरवरी (सोमवार) को दोपहर करीब 12 बजे किसान हरजीराम खोथ अपने खेत में काम कर रहे थे। अचानक जमीन से काला गाढ़ा तेल फूट पड़ा। देखते ही देखते खेत का एक बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल से भर गया। तेल की तेज गंध पूरे इलाके में फैल गई। सूचना मिलते ही केयर्न वेदांता कंपनी (Cairn Vedanta) के अधिकारी और इंजीनियर मौके पर पहुंचे।

कंपनी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। रिसाव वाली जगह के पास मशीनों से करीब 100 मीटर लंबी खाई खोदी गई, ताकि तेल का बहाव नियंत्रित होकर एक गड्ढे तक पहुंच सके। इस गड्ढे से वैक्यूम पंप की मदद से टैंकरों में तेल भरा जा रहा है और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है।

तीन दिनों में 50 से ज्यादा टैंकर भरे

रिसाव शुरू होने के बाद से लगातार सफाई अभियान चल रहा है। तीसरे दिन की शाम तक कंपनी ने 50 से ज्यादा टैंकर क्रूड ऑयल से भर चुकी है। फिर भी खेत में तेल जमा है और रिसाव पूरी तरह रुका नहीं है। कंपनी के अफसरों का कहना है कि टेक्निकल और ऑपरेशनल टीमें मिलकर रिसाव के सटीक कारणों की जांच कर रही हैं। अभी तक लीकेज पॉइंट का पता नहीं चल सका है।एहतियात के तौर पर कंपनी ने आसपास की पाइपलाइनों से तेल उत्पादन और सप्लाई को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, ताकि स्थिति और बिगड़े नहीं।

किसान का कहना: खेत बर्बाद, कंपनी दे मुआवजा

किसान हरजीराम खोथ ने बताया कि रिसाव से उनका करीब एक बीघा का खेत पूरी तरह खराब हो गया है। फसल नष्ट हो गई और जमीन तेल से इतनी संतृप्त हो गई है कि आगे खेती करना मुश्किल लग रहा है। उन्होंने कहा, "पहले भी इस क्षेत्र में तेल कंपनियों के ब्लास्ट और अन्य कामों से घरों, टांकों को नुकसान पहुंचा है। अब यह रिसाव मेरी पूरी कमाई पर भारी पड़ गया है। कंपनी को मेरे आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा देना चाहिए।"

कंपनी की प्रतिक्रिया

केयर्न वेदांता के अधिकारियों ने बताया कि वे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी टीम के साथ काम कर रहे हैं। रिसाव के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। कंपनी ने सफाई और रिकवरी के काम को प्राथमिकता दी है, लेकिन मुआवजे पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.