बांसवाड़ा: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नाश्ते के बाद 6 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, फूड पॉइजनिंग की आशंका

बांसवाड़ा के कुशलगढ़ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में दूध-पोहा नाश्ते के बाद 6 छात्राओं को चक्कर-उल्टी, एक गंभीर; फूड पॉइजनिंग की आशंका, जांच शुरू

Nov 7, 2025 - 15:07
बांसवाड़ा: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नाश्ते के बाद 6 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, फूड पॉइजनिंग की आशंका

 राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। स्कूल द्वारा परोसे गए नाश्ते के तुरंत बाद छह छात्राओं को अचानक चक्कर, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। सभी प्रभावित छात्राओं को तुरंत नजदीकी कुशलगढ़ रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां एक बालिका की हालत गंभीर होने पर उसे बांसवाड़ा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

घटना का विवरण;  गुरुवार सुबह करीब 8 बजे स्कूल में नाश्ते का समय था। छात्राओं को दूध और पोहा परोसा गया था, जो स्कूल की मिड-डे मील योजना के तहत तैयार किया जाता है। नाश्ता करने के कुछ ही मिनटों बाद प्रभावित छात्राओं को अस्वस्थ महसूस होने लगा। उन्होंने बताया कि पहले तो हल्का पेट दर्द हुआ, फिर चक्कर आने लगे और उल्टी की समस्या बढ़ गई। कमजोरी के कारण कई छात्राएं चलने में भी असमर्थ हो गईं।स्कूल स्टाफ ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया और प्रभावित छात्राओं को एम्बुलेंस से कुशलगढ़ के सरकारी रेफरल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान किया, जिसमें आईवी ड्रिप, दवाइयां और मॉनिटरिंग शामिल थी। हालांकि, 12 वर्षीय रक्षा मुनिया नामक छात्रा की हालत अधिक नाजुक होने पर उसे उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए बांसवाड़ा जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। यहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है।

प्रभावित छात्राओं के नाम और बयान; बीमार हुई छात्राओं में सभी कक्षा 6 से 8 तक की आयु वर्ग की बालिकाएं हैं। उनके नाम इस प्रकार हैं:प्रियंका मैडा

पायल मैंडा

भूली चारेल

कविता डांगी 

मनीषा कटारा

रक्षा मुनिया

अस्पताल पहुंचने पर छात्राओं ने डॉक्टरों और अधिकारियों को अपना बयान दर्ज कराया। प्रियंका ने बताया, "नाश्ते में दूध थोड़ा खट्टा लग रहा था, लेकिन हमने सोचा कि शायद वैसा ही होता है। पोहा खाने के बाद ही पेट में दर्द शुरू हो गया।" वहीं, पायल ने कहा, "चक्कर इतने तेज आ गए कि मैं खड़ी ही नहीं हो पाई। सबको एक साथ ऐसा होने से डर लगने लगा।" अन्य छात्राओं ने भी एक ही तरह के लक्षणों का जिक्र किया, जो फूड पॉइजनिंग की ओर इशारा करते हैं।

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की प्रतिक्रिया:  कुशलगढ़ रेफरल अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि छात्राओं के सैंपल ब्लड टेस्ट के लिए भेजे गए हैं, और प्रारंभिक रिपोर्ट में बैक्टीरियल इंफेक्शन की पुष्टि हो रही है। "यह दूध या पोहा में दूषित होने की वजह से हो सकता है। हमने स्कूल के किचन का निरीक्षण किया है, जहां से नाश्ता तैयार हुआ था।" उन्होंने आगे कहा कि बाकी पांच छात्राओं की हालत स्थिर है और उन्हें शाम तक छुट्टी दे दी जा सकती है, लेकिन रक्षा मुनिया को कम से कम 24 घंटे और निगरानी में रखा जाएगा।जिला कलेक्टर ने स्कूल प्राचार्य को नोटिस जारी कर कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, "कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच होती है, लेकिन इस घटना से सख्ती बढ़ाने की जरूरत है।" स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के अन्य स्कूलों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.