राजस्थान सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 में फिर 5 साल की उम्र में प्रवेश की छूट

राजस्थान शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को देखते हुए कक्षा 1 में प्रवेश आयु को अस्थायी रूप से 5 साल कर दिया है। एनईपी-2020 के तहत 6 साल की आयु सीमा को 2026-27 सत्र तक छूट दी गई, ताकि बाल वाटिकाएं मजबूत हों और नामांकन बढ़े। निजी स्कूलों की प्री-स्कूलिंग के कारण अभिभावक वहां रुख कर रहे थे।

Dec 16, 2025 - 15:06
राजस्थान सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 में फिर 5 साल की उम्र में प्रवेश की छूट

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में घटते नामांकन को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा यू-टर्न लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत कक्षा पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 साल निर्धारित की गई थी, लेकिन अब शैक्षिक सत्र 2026-27 तक 5 साल की उम्र वाले बच्चों को भी कक्षा 1 में दाखिला मिल सकेगा। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की है, जिसमें 31 जुलाई 2026 तक आयु सीमा में छूट प्रदान की गई है।

इस बदलाव का मुख्य कारण सरकारी स्कूलों में नामांकन की लगातार गिरावट है। नई आयु सीमा लागू होने के बाद अभिभावक अपने बच्चों को घर पर रखने के बजाय निजी स्कूलों की ओर मुड़ गए, जहां 3-4 साल के बच्चों को एलकेजी-यूकेजी में आसानी से प्रवेश मिल जाता है। निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं मजबूत हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में बाल वाटिकाएं (प्री-स्कूल) अभी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई हैं। परिणामस्वरूप, सरकारी स्कूलों का नामांकन घटा और निजी स्कूलों का बढ़ा।

कोटा जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में 5 साल के बच्चे सीधे कक्षा 1 में आ जाते थे, लेकिन 6 साल की आयु सीमा से एक साल का गैप पड़ने लगा। अभिभावक बच्चे को घर नहीं रख सकते, इसलिए वे निजी स्कूल चुनते हैं और एक बार वहां दाखिला लेने के बाद वापस सरकारी स्कूल नहीं लौटते। शिक्षक संगठनों के दबाव और गिरते नामांकन को देखते हुए विभाग ने यह अस्थायी संशोधन किया है।

यह छूट केवल एक सत्र के लिए है, ताकि विभाग को बाल वाटिकाओं को मजबूत बनाने का समय मिले। अगले सत्र से एनईपी के अनुसार 3 साल की पूर्व-प्राथमिक शिक्षा (बाल वाटिका) अनिवार्य होगी और कक्षा 1 में केवल 6 साल पूरे करने वाले बच्चे प्रवेश पाएंगे। वर्तमान सत्र में भी नामांकन बढ़ा है और अगले सत्र से प्रवेश प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होगी। इस कदम से सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही प्री-स्कूलिंग को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.