सुबह बीएसएफ कॉन्स्टेबल का फिजिकल टेस्ट पास किया, रात तक घर लौटते हुए मौत: अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, दो युवकों ने दम तोड़ा
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कुतीना गांव में एक युवक अभिषेक ने सुबह हरियाणा के हिसार में बीएसएफ कॉन्स्टेबल का फिजिकल टेस्ट पास किया था, लेकिन रात घर लौटते समय अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। अभिषेक (20) और उसके मामा के बेटे राहुल (22) की मौके पर या अस्पताल में मौत हो गई। अभिषेक पुलिस परिवार से था—उसका बड़ा भाई कांस्टेबल है और पिता भी पूर्व पुलिसकर्मी थे। हादसा हिट एंड रन का है, पुलिस जांच कर रही है।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कुतीना गांव में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई। इनमें से एक युवक अभिषेक ने उसी दिन सुबह हरियाणा के हिसार में बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) कॉन्स्टेबल की भर्ती के फिजिकल टेस्ट को सफलतापूर्वक पास किया था और खुशी-खुशी घर लौट रहा था। लेकिन रात होते-होते एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों भाई-जैसे रिश्तेदारों की मौके पर या इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा परिवार के लिए एक बड़ा सदमा बन गया है, क्योंकि अभिषेक परिवार का सबसे छोटा बेटा था और पुलिस परिवार से ताल्लुक रखता था।
हादसे का पूरा विवरण
हादसा बुधवार रात करीब 9 बजे मांढण थाना क्षेत्र के कुतीना गांव में हुआ। अभिषेक (20 वर्ष) कुतीना (कोटपूतली-बहरोड़, राजस्थान) का निवासी था, जबकि राहुल (22 वर्ष) हरियाणा के महेंद्रगढ़ का रहने वाला था और अभिषेक का मामा का बेटा (रिश्ते में भाई) था।
अभिषेक गांव के तीन अन्य युवकों के साथ हरियाणा के हिसार में बीएसएफ कॉन्स्टेबल की भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट देने गया था। टेस्ट सफल होने के बाद चारों युवक रेवाड़ी के मोहनपुर गांव स्थित बस स्टैंड पर उतरे। यहां से अभिषेक ने अपने मामा के बेटे राहुल को फोन करके बाइक लेकर आने के लिए बुलाया। राहुल कुतीना से करीब 6 किलोमीटर दूर मोहनपुर पहुंचा और अभिषेक को लेकर घर की ओर चल पड़े।
घर से महज 300 मीटर पहले कुतीना गांव में प्रवेश करते ही एक अज्ञात वाहन (हिट एंड रन) ने उनकी बाइक को तेज टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक बेकाबू हो गई और पास ही स्थित एक मकान की सीढ़ियों से जा टकराई। हादसे में राहुल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नीमराना अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
परिवार का पुलिस बैकग्राउंड और दुख की गहराई
अभिषेक तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई सचिन वर्तमान में नीमराना थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। परिवार का पुलिस से गहरा नाता रहा है—अभिषेक के पिता भी राजस्थान पुलिस में थे, लेकिन वर्ष 2007 में एक कैदी द्वारा ट्रेन से धक्का दिए जाने के कारण उनकी मौत हो गई थी।अभिषेक के रिश्ते में भाई संदीप ने बताया कि अभिषेक बीएसएफ में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था और फिजिकल पास करना उसके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। पूरा परिवार खुशी मना रहा था, लेकिन यह हादसा सब कुछ छीन गया। गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर है।
पुलिस की कार्रवाई
मांढण थाना प्रभारी किरण सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों/मृतकों के शवों को नीमराना सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें हिट एंड रन वाहन की तलाश और पोस्टमॉर्टम शामिल है। अभी तक अज्ञात वाहन का पता नहीं चला है।