PA हत्या केस में बड़ा खुलासा… बिहार-यूपी से 3 संदिग्ध गिरफ्तार, स्कॉर्पियो पर 7KM तक था पीछा और 90 मिनट में पूरा खेल!
सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में बड़ा मोड़ आया है। जानिए पूरी ख़बर
पश्चिम बंगाल की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को हिला देने वाले सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
तीन राज्यों में फैला गिरफ्तारी नेटवर्क
बंगाल CID के अनुसार, बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को पकड़ा गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के बलिया से राज सिंह को हिरासत में लिया गया। राज सिंह को इस हत्या का शार्प शूटर बताया जा रहा है। तीनों को अब पश्चिम बंगाल लाकर पूछताछ की जा रही है।
कैसे हुई थी हत्या
यह सनसनीखेज वारदात 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। चुनाव परिणाम आने के कुछ ही दिन बाद चंद्रनाथ रथ को उनकी स्कॉर्पियो कार में गोली मार दी गई। हमलावरों ने कार को पहले रोका और फिर 6 से 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं।
90 मिनट की पूरी साजिश
जांच में सामने आया है कि यह हत्या पूरी तरह से प्लानिंग के तहत की गई थी।
- रात करीब 9 बजे चंद्रनाथ कोलकाता से निकले
- 9:58 बजे CCTV में उनकी स्कॉर्पियो दिखी
- करीब 10:30 बजे दोहरिया जंक्शन पर रास्ता रोका गया
- इसके बाद बाइक सवार शूटरों ने हमला कर दिया
- पूरी वारदात महज 90 मिनट में अंजाम दी गई
हमले से पहले स्कॉर्पियो का करीब 7 किलोमीटर तक पीछा किया गया था।
? फर्जी गाड़ी और प्रोफेशनल शूटर
पुलिस को घटनास्थल से एक कार मिली, जिसकी नंबर प्लेट फर्जी थी। चेसिस और इंजन नंबर भी मिटाए गए थे। इसके अलावा दो बाइक भी इस्तेमाल की गईं, जिनमें से एक 4 किलोमीटर दूर मिली।
जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में ग्लॉक 47X जैसी आधुनिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया, जिससे साफ है कि इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल थे।
सुपारी किलिंग की आशंका
पुलिस और CID को शक है कि यह एक सुपारी किलिंग हो सकती है, जिसे पूरी योजना और रेकी के बाद अंजाम दिया गया। हमलावरों ने पहले रथ की मूवमेंट ट्रैक की और फिर सुनियोजित तरीके से हमला किया।
चंद्रनाथ रथ कौन थे
चंद्रनाथ रथ पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुके थे और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। वे सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे और 2019 से उनकी ऑफिशियल टीम का हिस्सा थे। भवानीपुर चुनाव अभियान में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उनका परिवार भी राजनीतिक रूप से जुड़ा रहा है और उनकी मां भी पहले TMC से जुड़ी थीं।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि यह हत्या राजनीतिक कारणों से हुई हो सकती है, खासकर भवानीपुर चुनावी नतीजों से जुड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है।
जांच जारी
फिलहाल CID इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। यह पता लगाया जा रहा है कि असली मास्टरमाइंड कौन है और हत्या की सुपारी किसने दी थी।