अलवर में मकान के पास मिली टाइमर वाली संदिग्ध बम जैसी वस्तु: पुलिस ने जयसमंद बांध की खाली झील में रखवाया, इलाका सील
12 जनवरी 2026 को राजस्थान के अलवर शहर के विवेकानंद नगर में एक मकान के पास टाइमर वाली संदिग्ध बम जैसी वस्तु मिली, जिससे दहशत फैल गई। पुलिस ने इसे शहर से दूर जयसमंद बांध की खाली झील में सुरक्षित स्थान पर रखा और इलाके को सील कर दिया। जयपुर से बम निरोधक दस्ता और एटीएस टीम रवाना हुई। सीसीटीवी से जांच जारी, अभी तक वस्तु की असलियत स्पष्ट नहीं।
राजस्थान के अलवर शहर में 12 जनवरी 2026 (सोमवार) की सुबह एक बड़ी सनसनी फैल गई, जब विवेकानंद नगर इलाके में एक मकान के पास टाइमर लगा हुआ बम जैसा संदिग्ध सामान मिला। इस खबर से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया, क्योंकि वस्तु पर घड़ी की तरह टाइमर चल रहा था, जिससे विस्फोट का खतरा साफ नजर आ रहा था।
घटना का विवरण
सूचना मिलने पर अरावली विहार थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय निवासी बाबू सिंह के मकान के पास पड़ी यह लावारिस वस्तु देखकर पुलिस ने जांच की। जांच में पाया गया कि वस्तु में टाइमर लगा हुआ है और दोनों तरफ कुछ वायर जैसा पदार्थ भरा हुआ प्रतीत हो रहा था, जो बम जैसा दिख रहा था। खतरे को भांपते हुए पुलिस ने इसे तुरंत उठाया और अलवर शहर से दूर ले जाकर जयसमंद बांध (जिसे जयसंमंद भी कहा जाता है) की खाली झील के बीच में सुरक्षित स्थान पर रख दिया।
बांध की खाली जगह होने के कारण इसे वहां रखना ज्यादा सुरक्षित माना गया, ताकि शहर में कोई बड़ा हादसा न हो। वस्तु की लगातार निगरानी की जा रही है, और आसपास के पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। लोगों के आने-जाने पर सख्त रोक लगा दी गई है, ताकि कोई अनहोनी न हो।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
अरावली विहार थाने के सब-इंस्पेक्टर भगवान सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। वस्तु की प्रकृति देखकर उच्च अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) की टीम रवाना हो चुकी है। ये टीमें अलवर पहुंचकर वस्तु की जांच करेंगी और यह पता लगाएंगी कि इसमें वास्तव में विस्फोटक सामग्री है या नहीं।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि यह वस्तु कैसे और किसने वहां रखी। फिलहाल वस्तु पर नजर रखी जा रही है, और जब तक इसकी पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक कोई रिस्क नहीं लिया जा रहा।
स्थानीय लोगों में दहशत
इस घटना से अलवर शहर के लोगों में खासा डर फैल गया है। कई लोग इसे किसी बड़ी साजिश से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अभी तक कोई बड़ा खतरा साबित नहीं हुआ है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। जयसमंद बांध का इलाका पहले से ही कम आबादी वाला और खाली है, इसलिए इसे वहां शिफ्ट करना एक सावधानीपूर्ण कदम माना जा रहा है।