अलवर में गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: दहेज प्रताड़ना का आरोप, ससुराल वाले बोले- पति से कहासुनी के बाद लगाया फंदा
राजस्थान के अलवर जिले के नंगला बंजीरका गांव में 9 महीने की गर्भवती महिला संजीदा (22) की ससुराल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। डिलीवरी मात्र 8-10 दिन बाद होने वाली थी। पीहर पक्ष ने दहेज की मांग के लिए लगातार प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि पति से छोटी कहासुनी के बाद महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के अलवर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 9 महीने की गर्भवती महिला संजीदा (22 वर्ष) की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की डिलीवरी महज 8-10 दिन बाद होने वाली थी। पीड़िता के परिजनों ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि यह आत्महत्या का मामला है और पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी कहासुनी के बाद महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
घटना का विवरण यह मामला अलवर जिले के रामगढ़ उपखंड अंतर्गत बगड़ तिराया थाना क्षेत्र के नंगला बंजीरका गांव का है। पीड़िता संजीदा हरियाणा के नूंह जिले की निवासी थी। उसकी शादी मात्र एक साल पहले, 1 दिसंबर 2024 को, नंगला बंजीरका गांव के सादिक पुत्र तैयब खान से हुई थी। सादिक के बड़े भाई सरफराज की शादी संजीदा की छोटी बहन मनीषा (21 वर्ष) से हुई थी। दोनों शादियां एक साथ हुई थीं।घटना रविवार (दिनांक स्पष्ट नहीं, लेकिन हालिया) सुबह की बताई जा रही है। सुबह करीब 11 बजे संजीदा की छोटी बहन मनीषा ने पीहर पक्ष को फोन करके सूचना दी कि ससुराल वालों ने संजीदा की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही संजीदा के भाई मोहम्मद इरशाद और चाचा इस्लामुद्दीन गांव पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने संजीदा को पलंग पर बेसुध हालत में पाया। घर में केवल छोटी बहन मनीषा मौजूद थी, जबकि ससुराल के अन्य सदस्य मौके से फरार बताए जा रहे थे।परिजन संजीदा को तुरंत रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया और सोमवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।
पीहर पक्ष के आरोप: दहेज के लिए लगातार प्रताड़ना संजीदा के भाई मोहम्मद इरशाद ने बगड़ तिराया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में उन्होंने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। इरशाद ने बताया कि शादी के बाद से ही संजीदा को दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। शादी में पीहर पक्ष ने ट्रैक्टर, बोलेरो गाड़ी, एयर कंडीशनर (एसी), आभूषण और नकद राशि दी थी, फिर भी अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी।संजीदा के चाचा इस्लामुद्दीन ने विस्तार से बताया कि दोनों बहनों (संजीदा और मनीषा) को ससुराल में काफी परेशान किया जाता था। उन्हें आपस में बातचीत तक नहीं करने दी जाती थी। संजीदा गर्भवती थी और उसकी डिलीवरी महज 8-10 दिन बाद होने वाली थी, फिर भी उसे मानसिक और शारीरिक रूप से तंग किया जाता रहा। परिजनों का मानना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने मिलकर संजीदा की हत्या की और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।
ससुराल पक्ष का दावा: आत्महत्या, वजह पति से कहासुनी दूसरी ओर, गांव के पूर्व सरपंच आजाद खान (जो मृतका के ससुर तैयब खान के बड़े भाई हैं) ने पूरी तरह अलग बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई तैयब के बेटे सरफराज की पत्नी संजीदा ने रविवार सुबह करीब 10:30 बजे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वजह पति-पत्नी के बीच छोटी-सी कहासुनी बताई जा रही है। पूर्व सरपंच के अनुसार, यह एक आवेग में लिया गया कदम था और इसमें किसी की साजिश नहीं है। (नोट: यहां सरफराज का नाम लिया गया है, जबकि संजीदा की शादी सादिक से बताई गई है—संभवतः परिवार के सदस्यों के नामों में समानता के कारण भ्रम।)
पुलिस जांच रामगढ़ डीएसपी पिंटू कुमार ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रविवार शाम को सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को सीएचसी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम सोमवार दोपहर करीब 3 बजे किया गया। भाई इरशाद की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच चल रही है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।