अजमेर में वकीलों का प्रदर्शन: स्पीड ब्रेकर की मांग को लेकर जयपुर रोड जाम, PWD अधिकारी से कथित मारपीट का विवाद

अजमेर में जिला न्यायालय के नए भवन के सामने स्पीड ब्रेकर लगवाने की मांग को लेकर वकीलों ने जयपुर रोड जाम कर दिया। बातचीत के दौरान PWD अधिकारी से कथित मारपीट हुई, जिसका बार एसोसिएशन ने खंडन किया। प्रशासन के 2 घंटे में स्पीड ब्रेकर बनाने के आश्वासन पर ढाई घंटे बाद जाम खोला गया।

Dec 19, 2025 - 15:03
अजमेर में वकीलों का प्रदर्शन: स्पीड ब्रेकर की मांग को लेकर जयपुर रोड जाम, PWD अधिकारी से कथित मारपीट का विवाद

अजमेर जिले में जिला न्यायालय के नए भवन के बाहर जयपुर रोड पर स्पीड ब्रेकर लगवाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क दोनों तरफ से जाम कर दी गई, जिससे यातायात कई घंटों तक ठप रहा। प्रदर्शन के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक अधिकारी के साथ कथित मारपीट की घटना ने मामले को और गरमा दिया। हालांकि, बार एसोसिएशन ने मारपीट के आरोपों का खंडन किया है। आखिरकार पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद जाम खोला गया।

घटना का विवरण अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय के बाहर जयपुर रोड को दोनों ओर से ब्लॉक कर दिया। यह प्रदर्शन नए कोर्ट भवन के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग को लेकर था। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस का भारी बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए PWD विभाग के एक अधिकारी को वार्ता के लिए बुलाया गया। वार्ता के दौरान कुछ अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही कुछ वकीलों ने मुख्य सड़क पर PWD अधिकारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस ने बीच-बचाव कर अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना की सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) सिटी हिमांशु जांगिड़ और प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की और आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी मान गए और जाम खोल दिया गया।

मांग की वजह: सुरक्षा चिंता अजमेर जिला बार एसोसिएशन के सचिव रूपेंद्र परिहार ने बताया कि जिला न्यायालय का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है और वहां नियमित कार्य भी शुरू हो गया है। हालांकि, अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें पुराने भवन से नए भवन तक रोजाना आना-जाना पड़ता है। इसके लिए जयपुर रोड (हाईवे) क्रॉस करना पड़ता है। हर रोज हजारों की संख्या में पीड़ित और पक्षकार कोर्ट पहुंचते हैं, जिन्हें भी रोड क्रॉस करनी पड़ती है। हाईवे होने के कारण वाहन तेज गति से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। पहले भी कई वकील और पक्षकार रोड क्रॉस करते समय घायल हो चुके हैं और कई बार टक्कर की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रदर्शन वाले दिन भी एक वकील पर गाड़ी चढ़ गई, जिसके बाद आक्रोश भड़क उठा। अधिवक्ताओं ने नए कोर्ट भवन के बाहर दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर लगवाने की मांग को लेकर रास्ता जाम किया।

आश्वासन और जाम समाप्त सचिव रूपेंद्र परिहार के अनुसार, अधिकारियों ने करीब 2 घंटे में स्पीड ब्रेकर बनवाकर देने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने रास्ता खोल दिया।

मारपीट के आरोप पर बार का पक्ष PWD अधिकारी से मारपीट के आरोपों पर रूपेंद्र परिहार ने स्पष्ट खंडन किया। उन्होंने कहा कि किसी वकील ने अधिकारी पर हाथ नहीं उठाया। बल्कि अधिकारी ने बार अध्यक्ष के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। जब पुलिस अधिकारी उन्हें ले जाने लगे तो ऐसा प्रतीत हुआ कि मारपीट हो रही है, लेकिन वास्तव में कोई मारपीट नहीं हुई। यह घटना अजमेर में वकीलों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को उजागर करती है, जहां कोर्ट परिसर के आसपास तेज रफ्तार वाहनों से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन के आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया, लेकिन स्पीड ब्रेकर बनने तक अधिवक्ता नजर रखेंगे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.